हमीरपुर – गैर संचारी रोग एनसीडी के नोडल डाॅ महेशचन्द्रा ने कहा कि गैर संचारी रोगों की गिरफ्त में रहने वाला व्यक्ति देखने में तो स्वस्थ्य दिखता है, मगर अन्दर ही अन्दर व खोखला होता है। अक्सर ऐसे लोगों की मौत पर लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं। इसलिये प्रत्येक व्यक्ति की 30 साल की उम्र के बाद नियमित जांच हो तो ऐसी बीमारियों का समय रहते पता चल जाता है और समय से उपचार हो जाता है। जितनी देर से बीमारी पता लगेगी उपचार होने में उतनी ही दिक्कतें सामने आयेंगी। वे एनसीडी की स्क्रीनिंग के लिये जिले की हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर में तैनात 40 एएनएम के तीन दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे।

एनसीडी में 05 बीमारियां होती हैं। हाईपर टेंशन, डाईविटीज, तीन प्रकार का कैंसर ओरल, ब्रस्ट और सर्वाईकल इन रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता का आभाव है, जिसकी वजह से जाने, अनजाने लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। शर्म और झिझक की वजह से महिलायें इन बीमारियों के प्रति चुप्पी साधे रहती हैं जो आगे घातक बनती हैं। स्टाफ नर्स स्वेती सचान, सुनीता ने रोगों की पहचान बतायी। डीसीपीएम मंजरी गुप्ता ने एएनएम को फैमिली फोल्डर भरने की जानकारी दी। सीएमओ डाॅ एनके बल्लभ ने प्रशिक्षण पाने वाली एएनएम को प्रमाणपत्र दिये।

रिपोर्ट – महेश अवस्थी

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