लखनऊ –  चिन्मय मिशन लखनऊ के तत्वाधान में अतंरराष्ट्रीय बौद्व शोध संस्थान गोमती नगर में सात दिवसीय गीता ज्ञान यज्ञ का आयोजन हो रहा है जिसमें चिन्मय मिशन के उत्तर भारत प्रमुख स्वामी सुबोधानंद सरस्वती जी द्वारा भगवतगीता के महत्व पर आधारित प्रवचनों का लाभ बडी संख्या में श्रद्वालु प्राप्त कर रहे हैं।

एक दिसम्बर से चल रहे संत्संग कार्यक्रम में प्रथम दिन स्वामी सुबोधानंद जी ने गीता के सातवें अध्याय पर प्रकाश डालते हुए रणक्षेत्र में हुए श्री कृष्ण एवं अर्जुन के मध्य संवादों पर आधारित उपदेश दिया। स्वामी जी कहते हैं कि अर्जुन का अर्थ होता है सीधा और सरल।

द्वितीय दिवस पर ज्ञान विज्ञान योग नामक सातवें अध्याय पर प्रवचन आगे बढाते हुए सुबोधानंद जी कहते हैं कि संसार में प्रत्येक व्यक्ति की कोई न कोई आसक्ति सामान्य बात है। परन्तु भगवान के चरणों में आसक्ति किसी अर्जुन की तरह ही हो सकती है।

तृतीय दिवस पर प्रवचन करते हुए स्वामी जी ने कहा सरल ह्रइय अर्जुन को भगवान कहते हैं कि तेरा मन मुझमें आसक्ति वाला है अत: मैं ज्ञान विज्ञान सहित वह सबकुछ कहूंगा जिसे जानने के बाद कुछ भी जानना शेष नहीं रहता। चिन्मय मिशन लखनउ के प्रमुख स्वामी कौशिक चैतन्य ने बताया कि गीता ज्ञान यज्ञ का कार्यक्रम सात दिसम्बर तक निरतंर सायं साढे छह बजे साढे आठ बजे तक चलेगा।

रिपोर्ट – अमित चावला 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.