दिल्ली – स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ ने व्यापार एवं निवेश, नवोन्मेष और संस्कृति समेत विविध क्षेत्रों में भारत के साथ समग्र द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेामवार को गहन वार्ता की। राजा गुस्ताफ और राष्ट्रपति कोविंद के बीच वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने ध्रुवीय विज्ञान, नवोन्मेष एवं अनुसंधान और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, मोदी और राजा गुस्ताफ ने नवोन्मेष नीति पर भारत-स्वीडन उच्चस्तरीय नीति वार्ता की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में संबंधों को विस्तार देने के तरीकों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों नेताओं ने भावी चुनौतियों से निपटने में दोनों देशों के बीच सहयोगात्मक तकनीकी नवाचार की भूमिका पर बल दिया। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की। उन्होंने अपने स्वीडन में समकक्ष एन लिंडे के साथ शाम को विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। राजा गुस्ताफ अपने देश के उच्च स्तरीय उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

राष्ट्रपति कोविंद के निमंत्रण पर गुस्ताफ छह दिन की यात्रा पर सोमवार सुबह एयर इंडिया की वाणिज्यिक उड़ान में स्टॉकहोम से नई दिल्ली पहुंचे। एयर इंडिया ने इसे गर्व का पल बताते हुए उनकी फोटो ट्वीट की। दिल्ली हवाईअड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने किया। शाही दंपती जामा मस्जिद, लाल किला और गांधी स्मृति भी गए। इस बीच विमान से उतरने के बाद शाही दंपती द्वारा अपने बैग पकड़े रहने की तस्वीरें तुरंत ट्विटर पर वायरल हो गईं। लोगों ने उनकी सराहना की और नेताओं की वीआईपी संस्कृति पर तंज कसा।

मेट्रोमैन ई श्रीधर ने भी महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर मेट्रो को इको फ्रेंडली बताया। बीएमसी से 26 सौ पेड़ काटने का आदेश हुआ तो पर्यावरण प्रेमी जनता खुलकर विरोध में आ गई। इस आग में घी का काम किया स्वर कोकिला लता मंगेशकर, श्रद्धा कपूर और रवीना टंडन जैसे फिल्मी सितारों द्वारा किए गए ट्वीट ने। इससे विरोध को धार मिली और शुरुआत हो गई एक मुहिम की, जिसका नाम था ‘सेव आरे’।

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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