दिल्ली- योग गुरू बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद फिर से पटरी पर लौट आई है. मौजूदा वित्त वर्ष के पहले छह महीने (अप्रैल से सितंबर) में कंपनी की आमदनी 3,562 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. पतंजलि की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह किसी भी वित्त वर्ष में हुई अब तक की रिकॉर्ड आमदनी है. आपको बता दें कि कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि कि दो साल पहले लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) के कारण पतंजलि को नुकसान हुआ है.

पतंजलि की आमदनी में हुआ 148 फीसदी का इजाफा- उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित पतंजलि आयुर्वेद को वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून के दौरान 1,793 करोड़ रुपये की आय हुई है.वहीं, जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी की आमदनी 1769 करोड़ रुपये रही है.पिछले साल 2018 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी की आमदनी 937 करोड़ रुपये थी. वहीं, जुलाई-सितंबर में यह 1576 करोड़ रुपये रही थी. हालांकि, कंपनी की ओर से मुनाफे का कोई भी आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई को कंपनी के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने बताया है कि पतंजलि आयुर्वेद अपनी प्रोडक्ट लाइन में बदलाव कर उसे और बेहतर कर रही हैं. पिछले कुछ दिनों में प्रोडक्ट लाइनें, जो पहले पतंजलि संभालती थी अब उन्हें कई अन्य कंपनियों को सौंप दिया गया है. पतंजलि FMCG के साथ-साथ आयुर्वेदिक दवाओं का कारोबार भी करती है.

जीएसटी के कारण हुआ था नुकसान- पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने हाल में कहा था कि दो साल पहले लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण पतंजलि को नुकसान हुआ है. बालकृष्ण का कहना है कि जीएसटी के कारण कंपनी ट्रेड, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाई है, जिससे नुकसान बढ़ा. हालांकि, उन्होंने कहा कि हम वापसी करेंगे और इसका परिणाम तिमाही नतीजों में दिखना शुरू हो गया है.

रिपोर्ट – एजेंसी इनपुट

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