केंद्र में ममता के नखरों का फायदा उठाने की फिराक में हैं नीतीश कुमार। उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री के सहारे अपना संदेशा भी कांग्रेस मुखिया तक पहुंचाया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशारो इशारों में अपने इरादे जाहिर करते हुए बुधवार को कहा कि केंद्र की जो सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगी, वह उसी को समर्थन देंगे। इस क्रम में हालांकि उन्होंने किसी पार्टी या गठबंधन का नाम नहीं लिया। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर अधिकार यात्रा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न केवल यहां के लोगों की मांग है, बल्कि उनका हक भी है। पश्चिम चम्पारण के जिला मुख्यालय बेतिया में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि कांग्रेस के लोग सरकार बनाने और चलाने के जुगाड़ में माहिर हैं। लेकिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार जितने दिन चलेगी, अगले लोकसभा चुनाव में उसकी उतनी ही दुर्दशा होगी। नीतीश ने कहा कि वर्तमान समय में केंद्र सरकार की स्थिति बहुत नाजुक हो गई है। संप्रग सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह एक-दो सांसदों की पार्टी की तरफ देख रही है, लेकिन उसे वास्तविक ताकत समझ नहीं आ रही है। उन्होंने चार नवम्बर को पटना के गांधी मैदान में होने वाली अधिकार रैली में सभी को आने का आह्वान करते हुए कहा कि गांधी मैदान में उमडऩे वाला जन सैलाब देखकर केंद्र को असली ताकत समझ में आ जाएगी।

अधिकार यात्रा के दौरान नीतीश राज्य के विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे।

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