नई दिल्ली –  देश में ऑनलाइन कैब सर्विस प्रोवाइडर कंपनी उबर इंडिया 10 से 15 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी  करेगी। सैन फ्रांसिसको की राइडर हेलिंग कंपनी उबर दुनियाभर में 350 कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगी। ये छंटनी घाटा बढ़ने और ग्लोबल स्लोडाउन की वजह से की जा रही है। उबर इंडिया अपने 10 से 15 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेगी।  छंटनी की वजह से देश में उबर का बिजनेस प्रभावित होगा।

उबर की ऑनलाइन फूड-डिलीवरी वर्टिकल उबर इट्स  पर भी इसका असर होगा। भारत में उबर के 350 से 400 कर्मचारी है। सोमवार को कंपनी ने कर्मचारियों को मेल कर बताया कि वह दुनियाभर में 350 कर्मचारियों की छंटनी कर रही है और 70 फीसदी छंटनी अमेरिका और कनाडा में होगी। उबर के सीईओ दारा खुसरोशाही इस महीने के अंत में भारत आने वाले हैं।

उबर के बिजनेस में उबर इंडिया का 2 फीसदी का योगदान है, लेकिन देश में ज्यादा खर्च बढ़ने की वजह से कॉस्ट कटिंग की जा सकती है। वैश्विक स्तर पर साल 2019 की दूसरी तिमाही में उबर को 520 करोड़ डॉलर (36,920 करोड़ रुपये) का घाटा हुआ है, जबकि 2019 की पहली तिमाही में उबर को 370 करोड़ डॉलर (26,270 करोड़ रुपये) का घाटा हुआ था। कंपनी ने इस घाटे के लिए ड्राइवर एप्रिसिएशन पर खर्च किए गए 29.8 करोड़ डॉलर (2,115.8 करोड़ रुपये) के साथ-साथ कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के साथ स्टॉक आधारित मुआवजे के खर्च के लिए 390 करोड़ डॉलर (27,690 करोड़ रुपये) को जिम्मेदार ठहराया है।

कंपनी ने जुलाई में पहली बार छंटनी की थी। उस समय मार्केटिंग और एनालिटिक्स टीम के लोगों को हटाया था। दूसरी बार छंटनी सितंबर में हुई लेकिन इसका असर भारत पर नहीं पड़ा। हालांकि इस दौरान प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी टीम में कटौती हुई।

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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