चेन्नई-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज अनौपचारिक बैठक हुई। इस बैठक में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत हुई है। कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का साथ देने वाले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी के साथ बैठक में कश्मीर का जिक्र तक नहीं किया। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद को लेकर लंबी बातचीत हुई।

मोदी-जिनपिंग की अनौपचारिक बैठक के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया है कि शी जिनपिंग ने पीएम मोदी को चीन आने का न्योता दिया है। जिसे पीएम मोदी ने स्वीकार कर लिया है। विजय गोखले ने कहा, ‘’दोनों नेताओं के बीच कल से आज तक करीब 6 घंटों तक अनौपचारिक बैठक हुई। ये अनौपचारिक बैठक भविष्य में भी जारी रहेंगी.’’ उन्होंने बताया कि अगली अनौपचारिक बैठक चीन में होगी।

विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा, ‘’मोदी-जिनपिंग की बैठक से भारत और चीन के रिश्ते और भी ज्यादा मजबूत हुए हैं. दोनों देशों ने व्यापार और आतंकवाद के मुद्दे पर बातचीत की।’’ उन्होंने कहा, ‘’जिनपिंग ने कश्मीर को लेकर कोई बात नहीं की. हालांकि भारत साफ कर चुका है कि कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना हमारा आंतरिक मसला है।’’

राष्ट्रपति शी जिनपिंग यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल महाबलीपुरम में पीएम मोदी के साथ दूसरे दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर बैठक के बाद महाबलीपुरम से रवाना हो गए हैं. दोनों देशों ने आज प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में भी हिस्सा लिया था। शी अब नेपाल के दो दिवसीय दौरे के लिए काठमांडू जाएंगे।

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24 

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