ओस्लो, नॉर्वे – नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को नोबेल शांति पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया है। नोबेल कमेटी ने इसकी जानकारी दी है। नोबेल पुरस्कार जूरी ने बताया अबी को ‘‘शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।”

अली आर्मी में इंटेलिजेंस अफसर थे। उन्होंने देश में बड़े पैमाने पर आर्थिक और राजनीतिक सुधार लागू किए। उन्होंने इथियोपिया के अपने पड़ोसी देश इरीट्रिया से 20 साल चले विवाद को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें नोबेल दिए जाने के लिए यही सबसे बड़ा आधार बना। अबिय 2018 में प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने साफ कर दिया था कि वे इरीट्रिया के साथ शांति वार्ता को दोबारा शुरू करेंगे। इरीट्रिया के राष्ट्रपति इसाइआस अफवेरकी के साथ अबिय ने शांति समझौते के लिए तेजी से काम किया और दोनों देशों के बीच लंबे अर्से से चले आ रहे विवाद को खत्म किया।

नोबेल शांति पुरस्कार 2019 के भावी दावेदार

इससे पहले 10 अक्‍टूबर को वर्ष 2018 के लिए पोलिश लेखिका ओल्गा टोकार्कज़ुक को साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को दिया गया। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में नोबेल फाउंडेशन ने नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की। बुधवार, 9 अक्‍टूबर को कैमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई थी, और वह लिथियम-आयन बैटरी का विकास करने के लिए अमेरिका के जॉन बी. गुडइनफ , इंग्लैंड के एम. स्टैनली विटिंघम तथा जापान के अकीरा योशिनो को संयुक्त रूप से दिया गया था।

क्यों दिया जाता है नोबेल पुरस्कार – अल्फ्रेड नोबेल का जन्म स्वीडन में 21 अक्टूबर 1833 को हुआ था। अल्फ्रेड रसायनशात्री और इंजीनियर थे। 10 दिसंबर 1896 को इटली के सौन रेमो में अल्फ्रेड नोबेल का निधन हुआ। युद्ध में भारी तबाही मचाने वाले अपने अविष्कारों को लेकर अल्फ्रेड नोबेल भारी पश्चाताप था इसलिए उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का इस्तेमाल मानव हित के लिए किए गए आविष्कारों में करने का फैसला लिया और नोबेल फाउंडेशन की स्थापना की। उन्होंने अपनी वसीयत में हर साल भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को पुरस्कार देने की घोषणा की।

Oireachtas गुड फ्राइडे समझौते समिति से पहले नोबेल शांति पुरस्कार 2019 के उम्मीदवार

मंगलवार, 8 अक्‍टूबर को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार घोषित किया गया था, जो कनाडाई-अमेरिकी एस्ट्रो-फिज़िसिस्ट जेम्स पीबल्स , स्विस एस्ट्रो-फिज़िसिस्ट मिशेल जी.ई. मेयरऔर स्विस एस्ट्रोनोमर डिडिएर क्वेलोज को प्रदान किया गया था। जेम्स पीबल्स को ‘भौतिक ब्रह्माण्ड विज्ञान में सैद्धांतिक खोजों के लिए’, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज़ को ‘एक सौर-प्रकार के तारे की परिक्रमा करने वाले एक्सोप्लेनेट की खोज के लिए’ संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार दिया गया था। पुरस्कार की आधी राशि जेम्स पीबल्स को दिए जाने की घोषणा की गई, जबकि शेष राशि को अन्य दोनों विज्ञानियों में बराबर-बराबर बांटा गया।

साहित्य का नोबेल पुरस्कार सात अवसरों – 1914, 1918, 1935, 1940, 1941, 1942 तथा 1943 – पर नहीं दिया गया था। चार बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार दो-दो लेखकों को संयुक्त रूप से दिया गया। वर्ष 1904 में फ्रेडरिक मिस्त्राल व जोसे एकेगेरे ) को, वर्ष 1917 में कार्ल जेलरप व हेनरिक पॉन्टोप्पिडन को, वर्ष 1966 में शूमेल एगनॉन व नेली सैक्स को तथा वर्ष 1974 में आईविन्ड जॉनसन व हैरी मार्टिनसन को संयुक्त रूप से दिया गया था। साहित्य का नोबेल पुरस्कार कभी किसी लेखक को दो बार नहीं दिया गया है।

नोबेल शांति पुरस्कार की तस्वीर

नोबेल पुरस्कार में क्या मिलता है – नोबेल पुरस्कार के हर विजेता को करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की राशि दी जाती है। इसके साथ 23 कैरेट सोने से बना 200 ग्राम का पदक और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है। पदक के एक ओर नोबेल पुरस्कार के जनक अल्फ्रेड नोबेल की छवि, उनके जन्म तथा मृत्यु की तारीख लिखी होती है। पदक की दूसरी तरफ यूनानी देवी आइसिस का चित्र, रॉयल एकेडमी ऑफ साइंस स्टॉकहोम और पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति की जानकारी होती है।

रिपोर्ट – एजेंसी इनपुट , न्यूज नेटवर्क 24 डेस्क

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