ISRO
ISRO launch

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के 100वें राकेट को रविवार (नौ सितंबर) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित करने के लिए शुक्रवार सुबह से उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी.

भारतीय रॉकेट पोल सेटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) रविवार को सुबह 9 बजकर 51 मिनट पर छोड़ा जाएगा. इसके जरिए फ्रांसीसी और जापानी उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे. इसरो के अनुसार, भारत ने अपने पहले उपग्रह आर्यभट्ट और रॉकेट सेटेलाइट लांच व्हीकल (एसएलवी) के प्रक्षेपण के बाद से 62 उपग्रह और 37 रॉकेट निर्मित किए हैं. अंतरिक्ष मिशन की कुल संख्या अब तक 99 हुई है.
इसरो के एक अधिकारी ने बताया, ‘गुरुवार को उल्टी गिनती से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं.Ó पीएसएलवी के जरिए प्रक्षेपित किए जाने वाले विदेशी उपग्रहों में 715 किलोग्राम वजन का फ्रांसीसी उपग्रह ‘स्पॉट 6Ó अब तक का सबसे वजनदार उपग्रह है. जापानी उपग्रह का वजन 15 किलोग्राम है और इसे  ‘प्रॉयटेरेसÓ नाम दिया गया है. इसरो की व्यावसायिक इकाई एंट्रिक्स कॉरपोरेशन और फ्रांसीसी कंपनी अस्ट्रियम एसएएस, दूर संवेदी उपग्रह के क्षेत्र में वैश्विक बाजार में बड़ी प्रतिस्पर्धी हैं. इसरो के मुताबिक एंट्रिक्स और एसट्रियम के बीच सितंबर, 2008 में हुए समझौते के तहत फ्रांसीसी उपग्रह का प्रक्षेपण किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि इसरो के 100वें मिशन को देखने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह श्रीहरिकोटा आएंगे. उल्लेखनीय है कि भारत ने अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत 1975 में शुरू की थी.

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