औरैया – ‘आपका भविष्य-आपकी पसंद, आपका गर्भनिरोधक उपाय’ यह सिर्फ स्लोगन नहीं बल्कि एक मिशन है। गर्भनिरोधक उपायों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 26 सितंबर को दुनिया भर में ‘विश्व गर्भनिरोधक दिवस’ मनाया जाता है। कई वर्षों से युवाओं में गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के यह दिन मनाया जाता रहा है ताकि युवा अपने योनिक एवं प्रजनन स्वास्थ्य सम्बन्धी निर्णय बेहतर जानकारी के साथ ले सकें। इस वर्ष की थीम है “जीवन है आपका, जिम्मेदारी है आपकी”।

परिवार नियोजन और मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने का प्रयास केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है। लोगों में यौन जागरूकता बढ़ाने, अनियोजित गर्भधारण तथा यौनजनित रोगों (एसटीडी) से बचाव के बारे में बताया जा रहा है। परिवार नियोजन की नोडल अधिकारी व एसीएमओ डा. शशिबाला सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन के लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का नतीजा है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। पिछले साल महिलाओं ने 1250 नसबंदी, 9998 आईयूसीडी, 2438 पीपीआईसीडी, 1200 छाया टेबलेट व 1750 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन के जरिए परिवार नियोजन अपनाया है। एसीएमओ ने बताया कि इस साल अप्रैल से अगस्त तक सिर्फ दो पुरूषों ने ही नसबंदी कराई है।

जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ संजय यादव का कहना है कि महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों को ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है। पुरूषों में यह भ्रांति है कि नसबंदी से कमजोरी आती है। उन्होंने बताया – विश्व गर्भ निरोधक दिवस पर सभी स्वास्थ्य इकाईयों में स्टाल लगाकर गर्भ निरोधक संसाधनों के बारे में बताया और जागरूक किया जाएगा।

गर्भ निरोधक साधनों को अपनाने पर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ संजय यादव ने बताया – पुरूष नसबंदी पर 3000 तथा महिला नसबंदी पर 2000 रूपये लाभार्थी को दिए जाते हैं । प्रसव के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने में महिला को 3000 तथा प्रसव के बाद पीपीआईयूसडी में महिला को 300 रूपये मिलते हैं। अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर लाभार्थी को 100 रूपये दिए जाते हैं।

लगभग 20 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है | इसका कुल 49.74 प्रतिशत हिस्सा प्रजनन आयु वर्ग (15 -49 वर्ष) में आता है, जिसका 20.3 प्रतिशत हिस्सा 15 से 24 आयु वर्ग का है | राज्य में 20 से 24 आयु वर्ग की 21.2 प्रतिशत विवाहित महिलाएं ऐसी हैं जिनका विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हो चुका था। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-4) 2015-16 के अनुसार जनपद में परिवार नियोजन की किसी भी आधुनिक विधि को अपनाने वाले 44.5 प्रतिशत हैं। महिला नसबंदी का प्रतिशत 17.2, पुरुष नसबंदी 0.1 प्रतिशत, कंडोम को इस्तेमाल करने वाले 9.5 प्रतिशत, कापर टी 0.7 प्रतिशत और गर्भनिरोधक गोलियों को इस्तेमाल करने वालों का प्रतिशत 1.6 है।

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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