R chandrashekhar
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केंद्र की यूपीए सरकार ने देश की जनता को भरोसा दिलाया है कि वह इंटरनेट को सेंसर करने नहीं जा रही है. दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने मंगलवार को जानकारी दी कि सेल्फ रेग्युलेशन और सरकारी हस्तक्षेप के मिले-जुले विकल्प पर विचार किया जाएगा.

फ्रीडम आफ ऑनलाइन स्पीच पर   फिक्की द्वारा आयोजित परिचर्चा में चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि सरकार इंटरनेट को सेंसर करने के बारे में बिलकुल नहीं सोच रही हैं. उन्होंने कहा कि वैधानिक अंकुश और अवैधानिक सेंसरशिप पर एक बहस होनी चाहिए ‘सीमाएं कहां खींची जाएं, वैधानिक अंकुश और अवैधानिक सेंसरशिप और वे तौर-तरीके जिसके आधार पर हम आम सहमति के नियम-कायदे बना सके, इसपर परिपक्व बहस की जरूरत है।Ó इस बहस में सिविल सोसायटी, इंटरनेट सेवा प्रदाता और गूगल व फेसबुक जैसी कंपनियों को शामिल किया जाए. हाल ही में असम हिंसा को लेकर तनाव फैलाने वाले 310 वेबपेजों को सरकार ने बंद कर सख्त कदम उठाया था. तूफान और भूकंप में मरने वालों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर उन्हें म्यांमार और असम में हुई हिंसा का शिकार बताकर इंटरनेट पर पेश किया गया था. इसके बाद बेंगलूर समेत कई शहरों से पूर्वोत्तर के लोगों का पलायन शुरू हो गया था.

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