navoday vidyalaya
Jawahar Navoday Vidhalaya

सरकार स्कूली पढ़ाई-लिखाई में अपनी अलग पहचान रखने वाले जवाहर नवोदय विद्यालयों को और बेहतर करना चाहती है. लिहाजा वह उनकी पढ़ाई के तौर तरीके व गुणवत्ता को परखने के लिए उनका मूल्यांकन करा रही है. इस मूल्यांकन में 20 राज्यों के 56 नवोदय विद्यालयों को शामिल किया गया है.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नवोदय विद्यालयों के इस मूल्यांकन का जिम्मा योजना आयोग के कार्यक्रम मूल्यांकन संगठन को सौंपा है. जिन विद्यालयों को इसमें शामिल किया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश के उन्नाव, कुशीनगर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी और गोरखपुर स्थित नवोदय विद्यालय शामिल हैं. जबकि, बिहार के बक्सर, कैमूर, मधेपुरा, औरंगाबाद, भोजपुर व कटिहार, झारखंड के चतरा और गुमला, पंजाब के कपूरथला, उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर और नैनीताल स्थित विद्यालय शामिल हैं. इसी तरह हरियाणा के रेवाड़ी व पंचकूला, जम्मू-कश्मीर के सांबा, नौपाड़ा और बडग़ाम स्थित नवोदय विद्यालयों को भी इस मूल्यांकन के लिए चुना गया है. नवोदय विद्यालयों के दाखिलों में अनुसूचित जाति, जनजाति, लड़कियों, शहरी और ग्रामीण जैसी श्रेणियों के साथ ही प्रत्येक जिले के नवोदय स्कूल की सीटों को ब्लॉक स्तर तक बांटकर प्रतिनिधित्व दिया जाता है.

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