श्रीनगर-  कश्मीर के घाटी समेत कई जिलों में अनुच्छेद 370 में हुए संशोधन होने के बाद से हालात संवेदशील बने हुए है। केंद्र सरकार कश्मीर के इस स्थिति को बहाल करने के लिए, हर संभव प्रयास कर रही है। जम्मू-कश्मीर के नवगठित केंद्र शासित प्रदेश के सभी 10 जिलों में कम से कम पांच टर्मिनल वाले इंटरनेट व्यवस्था को सुचारू रुप से चालू किये जाने का कार्य किया जा रहा है। बीते एक महीने बाद केंद्र सरकार ने कश्मीर के सभी लैंडलाइन कनेक्शनों को बहाल करने और जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में मोबाइल फोन सेवाओं को सक्रिय करने के लिए उचित कदम उठा रहा है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से सरकारी विभागों, ठेकेदारों, छात्रों, व्यापारियों को जानकारी अपलोड करने, ई-टेंडर फाइल करने, किताबों के ऑर्डर देने और ऑनलाइन फॉर्म भरने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा जिलाधिकारियों के कार्यालयों में इंटरनेट कियोस्क खोले गए हैं और अधिकारियों की देखरेख में संचालित किए जा रहे हैं। कश्मीर से दूर पढ़ाई और नौकरी कर रहे कश्मीरियों के लिए यह हर्ष का विषय है कि वह अब बहुत ही आसानी के साथ अपने परिजनों से बात कर सकते हैं।

जम्मू और कश्मीर में स्थिति में सुधार के मद्देनजर केंद्र सरकार ने लोगों के आवागमन को आसान बनाने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को धीरे धीरे हटा रही है। केंद्र सरकार का मानना है कि जैसे ही कश्मीर में हालात सही होते हैं , वैसे ही सभी प्रतिबंधों को हटा लिया जाएगा। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में अनुच्छेद 370 के संशोधन के बाद कश्मीर में 5 अगस्त से लैंडलाइन, मोबाइल फोन सेवाओं और इंटरनेट जैसी सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

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