नोएडा – फोर्ड एंडेवर कार में दो लड़किया थीं, रास्ता काफी जाम था। मैंने (दिवाकर त्यागी) गार्ड से कहा- “ भैया रास्ते से गाड़ी तो हटवाओ”। गार्ड ने उनकी गाड़ी रोकवाकर हमारी गाड़ी आगे करवा दी। तब तक पीछे से वो लड़कियां आईं और बोली- “ तेरे को ज्यादा चर्बी चढ़ी है क्या ? ” मेरा दोस्त हर्ष गाड़ी ( i-20 कार ) से उतरा और कहा- “ एक तो आप रोड के बीच में गाड़ी खड़े कर के बैठे और उपर से आप हमसे लड़ाई कर रहे हो।” तभी उसमें से एक लड़की बोली – “ दो मिनट रुक, तेरे को तेरी औकात याद दिलाती हूं।” हर्ष ने मुझसे कहा कि छोड़ भाई लड़की है, बेवजह क्या उलझोगे , चलो क्लास में चलते हैं।

एक घंटे बाद वही लड़कियां क्लास में 20-25 लड़के लेकर आ गई। मैम लड़कियों को रोक रहीं थी पर उसने हर्ष को देखकर कहा कि यह है यलो टी-शर्ट वाला , इसे मारो। सभी लड़के हर्ष पर टूट पड़े । चेयर उठा कर उसे जानवरों की तरह मारने लगे। मुझे भी बचाने के चक्कर में काफी चोट लगी। महज कुछ मिनट में सब कुछ बदल गया था , क्लास में खून ही खून। हम लोग काफी डर गए थे। सभी लड़के मारने के बाद क्लासरुम से भाग गए।

हमने इस घटना की सूचना पुलिस को दिया और पीसीआर बुलाई। इसके बाद हम बाहर जाकर पीसीआर का इंतजार करने लगे। पीसीआर आने में लेट हो रही थी तो मेरा दोस्त हर्ष और माधव थोड़ा आगे तक गए देखने की पीसीआर आई कि, नहीं आयीं। तभी वहां से 25-30 लड़के हाथ में रॉड, पत्थर, दंडे और ईंट लेकर हर्ष और माधव को दौड़ा- दौड़ा कर मारने लगे। वो लोग माधव और हर्ष को बिल्कुल बेरहमी से राक्षसों की तरह मार रहे थे, मेरे आंखों के सामने ही यह सब हो रहा था। जिस ईंट से वह मेरे दोस्तों को मार रहे थे वह ईंट बिल्कुल खून से रंग गया था।

मार-पीट कर वो भाग गए। माधव मुर्दा जैसा हो गया था। हमने हर्ष और माधव को वहां से उठाकर अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया। हर्ष को काफी चोटें आईं हैं , काफी टॉकें लगें भी है लेकिन उससे भी बुरी हालत में माधव है। माधव आईसीयू में चला गया है। उसकी हालत बहुत गंभीर है। हमने उनके खिलाफ जब एफआईआर लिखवाई, तब पता लगा कि वो लड़कियां हमारे खिलाफ पहले से ही छेड़खानी का एफआईआर लिखवा चुकी हैं। यह पूरी घटना नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी कैंपस की है। नोएडा पुलिस उक्त मामले की जांच कर रही है। कौन सही है, कौन गलत- यह तो भारत की न्याय व्यवस्था ही बताएगी।

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