उत्तर प्रदेश के रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह का मंगलवार सुबह लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। वह करीब 60 वर्ष के थे। परिवार सूत्रों के अनुसार सिंह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज सिंगापुर में भी चल रहा था। वह लखनऊ स्थित पीजीआई में रूटीन चेकअप के लिए आए थे। जहां उनकी तबीयत बिगड़ती गई और मंगलवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। सिंह के पार्थिव शरीर को रायबरेली स्थित उनके पैतृक गांव लालूपुर ले जाया जा रहा है।

सिंह ने अपना सियासी सफर कांग्रेस से शुरू किया था। नवंबर 1993 में वह कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुए थे। राकेश पांडेय हत्याकांड के बाद 2003 में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। उसके बाद भी कई बार निर्दलीय विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के चुनावों से पहले पीस पार्टी में शामिल हुए थे। इस दौरान वह गांधी परिवार को जमकर कोसते थे। कहा जाता है कि अखिलेश सिंह का खौफ ऐसा था कि कांग्रेसी उनके डर से पोस्टर भी नहीं लगा पाते थे। रायबरेली सदर विधानसभा से विधायक रहे अखिलेश सिंह दबंग छवि के नेता माने जाते थे।

रायबरेली की राजनीति के बेताज बादशाह रहे अखिलेश सिंह ने बीमारी के कारण उनकी राजनीतिक विरासत बेटी अदिति सिंह संभाल रही हैं। वह 2017 में रायबरेली सदर से रिकॉर्ड मतों से विधानसभा चुनाव जीतकर वह विधायक बनी थी। रायबरेली सीट से पांच बार विधायक रहे सिंह का जन्म 15 सितंबर 1959 को हुआ था।

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