उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार को अचानक टाल दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के गंभीर रूप से बीमार होने की वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार रोका गया है। सोमवार सुबह 11 बजे होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजभवन में तैयारियां शुरू हो गई थीं। राजभवन में आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों को पद तथा गोपनीयता की शपथ दिलाई जानी थी। बड़ी संख्या में विधायकों और मंत्रियों को राजधानी में रविवार रात तक पहुंचने के निर्देश भी दे दिए गए थे। हालांकि राजभवन में देर रात तक आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

सोमवार को दोपहर के बाद यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को दिल्ली जाना है। उनकी वापसी दो दिन बाद होगी। ऐसे में अब मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना बुधवार के बाद ही है। मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किए जाने वाले संभावित नामों को लेकर खूब अटकलें चलती रहीं। सबसे अधिक परेशान उन मंत्रियों के समर्थकों को देखा गया, जिनके हटाए जाने की चर्चा चल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के दिल्ली दौरे के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज थीं। इसी बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुलाकात के बाद इस बात की पुष्टि हो गई। सीटों के अनुपात के अनुसार योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 60 तक हो सकती है। योगी मंत्रिमंडल में 47 मंत्री थे, जिनमें से तीन, रीता बहुगुणा जोशी, डॉक्टर एस पी सिंह बघेल और सत्यदेव पचौरी सांसद निर्वाचित होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

विस्तार से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। रविवार देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया। भाजपा में ‘एक व्यक्ति-एक पद’ के सिद्धांत को देखते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने इस्तीफा दिया है।

लोकसभा चुनाव 2019 में योगी कैबिनेट में मंत्री रहीं रीता बहुगुणा जोशी ने इलाहाबाद संसदीय सीट पर चुनाव जीता था। कानपुर से सत्यदेव पचौरी और आगरा से एसपी सिंह बघेल जीतकर संसद पहुंचे हैं। इन तीनों मंत्रियों ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी योगी मंत्रिमंडल से बाहर हो चुके हैं।

ऐसे में पूर्वांचल से दो नाम शामिल किए जा सकते हैं। पश्चिम से भाजपा संगठन के बड़े नेता और एमएलसी अशोक कटारिया के नाम की चर्चा जोरों पर हैं। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में नए चेहरे शामिल होंगे और कुछ मंत्रियों की छुट्टी होगी। इसके साथ ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे।

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