भारतीय रिजर्व बैंक ने एटीएम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को राहत दी है। एटीएम ट्रांजेक्शन में फेल ट्रांजेक्शन जैसी परेशानी का सामना ग्राहक अक्सर करते हैं। बैंक ऐसी फेल ट्रांजेक्शन गिनती करते हैं जिसके कारण ग्राहकों के फ्री ट्रांजेक्शन कम हो जाते हैं। अब एटीएम इस्तेमाल करने के नियमों को लेकर आरबीआई ने नियम जारी किए हैं जिससे ग्राहकों को फायदा होगा।

बैंक कुछ ही संख्या में एटीएम की फ्री ट्रांजेक्शन हर महीने अपने ग्राहकों को देते हैं। फ्री ट्रांजेक्शन के बाद वह ग्राहकों से चार्ज लेते हैं। ग्राहकों को फायदा पहुंचान के लिए आरबीआई ने सर्कूलर जारी कर फ्री ट्रांजेक्शन के नियम बताए हैं। दरअसल ग्राहकों की शिकायत रहती है कि बैंक फेल ट्रांजैक्शन को भी फ्री ट्रांजैक्शन गिन लिया जाता है। ज्यादातर बैंक 5 से 8 फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन देते हैं। इसके बाद बैंक चार्ज वसूलता है।

अभी देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सामान्य सेविंग अकाउंट पर 8 फ्री ट्रांजेक्शन देता है। एसबीआई 5 फ्री ट्रांजेक्शन एसबीआई एटीएम और तीन अन्य बैंकों पर देता है। छोटे शहरों में 10 फ्री ट्रांजेक्शन मिलती है।

आरबीआई ने बदले एटीएम (ATM) से जुड़े नियम

– अब बैंक नॉन कैश ट्रांजेक्शन जैसे बैलेंस की जानकारी, चेक बुक अप्लाई, टैक्स पेमेंट या फंड ट्रांसफर को एटीएम ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा। यानी ये अब फ्री ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा। इसके अलावा बैंक फेल ट्रांजेक्शन को भी एटीएम ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा।

– पिन वैलिडेशन की वजह से एटीएम ट्रांजेक्शन फेल होने को भी एटीएम ट्रांजैक्शन में नहीं गिना जाएगा।

– आरबीआई ने कहा है कि बैंक फेल ट्रांजेक्शन पर चार्ज नहीं वसूल सकते

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