धारा 370 को खत्म करने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट सातवे आसमान देखने को मिली रही है। घबराए पाकिस्तान ने भारत से सभई द्विपक्षीय संबंधों को खत्म करने का फैसला किया है। इमरान खान का द्वारा लिया गया यह फैसला भारत से ज्यादा पाकिस्तान के लिए अधिक नुकसानदायक साबित होने वाला है, क्योंकि पाकिस्तान अपने आवाम की आवश्यक पूरी करने के लिए जरूरी वस्तुओं का आयात भारत से ही ज्यादा करता है।  इस साल फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच हालात तनावपूर्ण है।आतंकी हमले के बाद भारत ने आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान की कमर तोड़ने के लिए पाकिस्तान से निर्यात काफी कम कर दिया था। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन  के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि व्यापार संबंधों का निलंबन पाकिस्तान को और बुरी तरह से प्रभावित करेगा, क्योंकि भारत पाकिस्तान पर कम निर्भर है।

वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड  के प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी बताते हैं कि पाकिस्तान के फैसले का असर उसके कारोबार पर ही पड़ने वाला है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही तनावपूर्ण है। भारत ने पड़ोसी देश पाकिस्तान से आयातित सभी सामानों पर 200 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में पाकिस्तान का आयात 92 प्रतिशत घटकर लगभग 24 लाख डॉलर रह गया थो, जो मार्च 2018 में 3.4 करोड़ डॉलर था। भारत ने पाकिस्तान से कपास, ताजे फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद और खनिज अयस्क जैसे सामानों का आयात किया।

वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च अवधि के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 प्रतिशत घटकर 5.3 करोड़ अमरीकी डॉलर रहा। पाकिस्तान में भारत का निर्यात भी मार्च में लगभग 32 प्रतिशत घटकर 17 करोड़ अमरीकी डॉलर के आसपास रहा है। हालांकि, 2018-19 के दौरान निर्यात 7.4 प्रतिशत बढ़ा। माना जा रहा है कि भारत कुछ सामानों के व्यापार को भी प्रतिबंधित कर सकता है और पाकिस्तानी सामानों पर बंदरगाह से संबंधित प्रतिबंध लगा सकता है। हाल ही में हुए पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से MFN (सबसे पसंदीदा राष्ट्र) का दर्जा भी छीन लिया था। भारत ने 1996 में पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा दे दिया था, लेकिन पड़ोसी देश ने भारत को ये दर्जा नहीं दिया था।एमएफएन संधि के तहत एक डब्ल्यूटीओ (WTO) सदस्य देश अन्य व्यापारिक राष्ट्र के साथ गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से व्यवहार करने के लिए बाध्य है, विशेष रूप से सीमा शुल्क और अन्य शुल्क के संबंध में।भारत सरकार ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया। भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कम कर द्विपक्षीय व्यापार को स्थगित करने का फैसला किया।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.