उन्नाव गैंगरेप केस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी है। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने पीड़िता के चाचा को रायबरेली जेल से तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया है। इसके अलावा पीड़िता के चाचा के वकील को सुरक्षा दी गई है। बता दें कि गुरुवार को उन्नाव रेप केस की पीड़िता को दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लाने की बात कही गई थी लेकिन आज सीजीआई ने कहा है कि पीड़िता को इलाज के लिए फिलहाल दिल्ली नहीं लाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘परिवार चाहता है इलाज लखनऊ में ही हो।’

इसके अलावा उन्नाव केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के हथियारों का लाइसेंस रद्द किए जाएगा। इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप की सुनवाई के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लिया। बीजेपी ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया। बताया जा रहा है कि बीजेपी ने उन्नाव रेप मामले में विपक्ष की ओर से लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच ये फैसला लिया है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप केस मामले से जुड़े 5 केस दिल्ली की निचली अदालत में ट्रांसफर कर दिए हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को 45 दिन के भीतर इस पूरे मामले में फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। 45 दिन तक हर रोज इस मामले की सुनवाई की जाएगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया है कि रेप पीड़िता को 24 घंटे में 25 लाख मुआवजा मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पीड़िता के साथ-साथ पीड़िता के वकील को भी सुरक्षा मिलना चाहिए।

इसके साथ ही अदालत ने उन्नाव कांड के जिन केस की सुनवाई लखनऊ में चल रही है उन सभी केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही चीफ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उन्नाव पीड़िता और अन्य लोगों के एक्सीडेंट की जांच की रिपोर्ट को 7 दिन में पूरा करने का आदेश दिया है।

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