जम्मू- कश्मीर में सुरक्षा बलों की 280 से अधिक कंपनियां तैनात की जा रही हैं। सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों को शहर के अतिसंवेदनशील इलाकों तथा घाटी की अन्य जगहों पर तैनात किया जा रहा है। इनमें अधिकतर सीआरपीएफ कर्मी हैं। रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने कश्मीर में सीएपीएफ की 280 कंपनियां यानी करीब 28 हजार और जवानों की तैनाती का फैसला किया है। सूत्रों ने कहा कि शहर में प्रवेश और बाहर निकलने के सभी रास्तों को केन्द्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों को सौंप दिया गया है।

स्थानीय पुलिस की महज प्रतीकात्मक उपस्थिति है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ छिटपुट धर्मस्थलों से सुरक्षा हटा ली गई है क्योंकि खुफिया जानकारी मिली थी कि विदेशी आतंकवादी वहां पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पहले ही ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है और वे बृहस्पतिवार से दस दिन तक के लिये बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिये कुछ लंगरों को भी बंद कर दिया गया है। स्थानीय निवासी घबराए हुए हैं और उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर जरूरी सामान खरीदना शुरू कर दिया है।

माना जा रहा है कि भारतीय सेना की लगातार कार्रवाई के बाद आतंकी संगठन को खुद की जमीन हिलती दिख रही है। साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों का बदला लेने के लिए आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान की सेना भारत के नागरिकों के साथ-साथ रक्षा अधिकारियों और सुरक्षा ठिकानों पर आतंकी हमलों की योजना बना रही है। बता दें कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बीते दिनों ही जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ की 50 कंपनियां, बीएसएफ की 10 कंपनियां, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 30 और आईटीबीपी की 10 कंपनियां तैनात की की थी।

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