देश में एक ओर जहां बारिश का लोग इंतजार कर रहे हैं, वहीं बिहार और असम ऐसे राज्य हैं जहां बाढ़ से लोगों के हालत बद से बदतर हो चुकी हैं। बिहार में बाढ़ से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से 9 जिलों के लगभग 18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ आने का कारण नेपाल का तराई क्षेत्र है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिहार की पांच नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रह हैं।

बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। सीएम ने बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई जगहों पर तूफान की चेतावनी जारी की है।

बाढ़ ने मधुबनी, सीतामढ़, दरभंगा, मोतिहारी और शिवहर, मुजफ्फरपुर और सुपौल में तबाही मचाई है। बाढ़ के चलते अररियां में दो लोग, शिवहर में एक और किशनगंज में एक लोगों की मौत हुई। वहीं, सीतामढ़ी में 11 और अररिया में 5 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं। बाढ़ से बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 12 टीमें जुटी हुई हैं।

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से के कारण सुपौल जिले में लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हो चुके हैं। वहीं मुजफ्फरपुर के औराई में एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो चुका है। आपदा प्रबंधन की टीमें लोगों को राहत पहुंचाने के काम में जुटी हुई हैं।

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