नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा का बना महागठबंधन आज टूट गया। बसपा प्रमुख मायावती ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि महागठबंधन का लोकसभा चुनाव में कोई फायदा नहीं हुआ है। सपा अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए उन्हेंने कहा कि अखिलेश यादव वोट को गठबंधन उम्मीदवार को दिलाने में असफल रहे।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने ये बातेंं लोकसभा चुनाव के परिणाम की समीक्षा के लिये उत्तर प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बैठक में कही। दिल्ली स्थित बसपा कार्यालय में आहूत बैठक में पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आर एस कुशवाहा, राज्य में पार्टी के सभी विधायक, नवनिर्वाचित सांसद, प्रदेश के सभी जोनल कोऑॢडनेटर के अलावा सभी जिला अध्यक्षों को भी बुलाया गया था। उल्लेखनीय है कि बसपा प्रमुख मायावती लोकसभा चुनाव परिणाम की पिछले तीन दिनों से राज्यवार समीक्षा कर रही हैं।

लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद पार्टी को उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिल सके। सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही बसपा को हाल ही में संपन्न हुये चुनाव में उत्तर प्रदेश से महज 10 सीटों पर जीत हासिल हो सकी।

चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन से नाराज मायावती ने शनिवार को पिछली बैठक में दो राज्यों, मध्य प्रदेश और दिल्ली के बसपा अध्यक्षों सहित छह राज्यों के पार्टी प्रभारियों को पद से हटा दिया था। इनमें कुशवाहा भी शामिल हैं। उन्हें उत्तराखंड के प्रभारी पद से हटा कर मायावती ने एम एल तोमर को राज्य का नया प्रभारी बनाया।

सूत्रों के अनुसार, बसपा प्रमुख लोकसभा चुनाव परिणाम के आधार पर उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रदर्शन की जिलेवार समीक्षा कर रही है। इसके आधार पर जोनल कोऑर्डीनेटर और जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी तय की जायेगी। बसपा के उत्तर प्रदेश में 19 विधायक हैं।

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