पीलीभीत। उत्तर-प्रदेश के जनपद पीलीभीत के हरदोई ब्रांच नहर में डूबने से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 2 माह में लगभग एक दर्जन युवक हरदोई ब्रांच नहर के आगोश में समा चुके हैं।
नहर में कूदकर कर रहे हैं आत्महत्या- माधोटांडा थाना क्षेत्र के कस्बा कलीनगर निवासी बलराम पांडे 13 मई को घर से हरदोई ब्रांच नहर में नहाने की बात कह कर घर से निकले थे और शाम तक जब घर ना पहुंचें तो परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। लगातार खोजबीन जारी होने के बावजूद भी युवक का कोई सुराग न लगने से परिजनों को हत्या की आशंका महसूस होने लगी। परिजनों ने गुमशुदगी कि रिपोर्ट दर्ज कराकर बैलेट पेपर भी बांटे। गांव के एक ग्रामीण शंकर लाल पांडे ने बताया ,  “ बलराम कई महीनों से बीमार चल रहे थे। कोई उनको बता दिया कि अब वह ठीक नहीं होंगे। इसी बात को लेकर वह चिंतित रहते थे। उस दिन नहर की तरफ उनको जाते मैंने देखा था और जब लोग उन्हें खोजने लगे, तब मुझे शक हुआ।”

मछुआरे ने किया खुलासा- सोमवार सुबह अचानक घुघचिहाई क्षेत्र के दन्दौलपुल के पास मछुआरे ने एक युवक का शव उतराता देखा और इस पूरे मामले की सूचना घुघचिहाई पुलिस को दिया। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे चौकी इंचार्ज संजीव कुमार ने शव को बड़ी मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकलवाया। उन्होंने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रशासन की लापरवाही – हरदोई ब्रांच नहर में डूबने से हो रही मौतों की खबर आए दिन सुनने को मिलती रहती हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। एक अन्य घटना दोदपुर गांव की है, मोहनलाल नाम का एक युवक कई दिनों से लापता था और बाद में उसका भी शव हरदोई ब्रांच के नहर में ही मिली थी।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.