सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी के फैसले को बदलते हुए आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक के पद पर बहाल करने का आदेश दिया है। छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने खुद के अधिकार छीनने और जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। वर्मा का सीबीआई निदेशक के तौर पर दो साल का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो रहा है। अब आलोक वर्मा 31 जनवरी तक सीबीआई के निदेश के पद पर बने रहेंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि इस दौरान आलोक वर्मा कोई बड़ा फैसला नहीं ले सकेंगे।

कोर्ट ने सीवीसी के फैसले को पलटते हुए आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ ही ये साफ हो गया कि आलोक वर्मा सीबीआई के चीफ बने रहेंगे। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का कोई अधिकार नहीं है। सिर्फ सेलेक्ट कमेटी के पास ही ये अधिकार है। इससे पहले छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सीबीआई के निदेशक आलोक कुमार वर्मा और ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने पिछले साल 23 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेजने का निर्णय किया था। दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

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