अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे मामले में गिरफ्तार किए गए क्रिश्चियन जेम्स मिशेल की एक चिट्ठी से साफ हो गया है कि इस मामले में तत्कालीन सत्ताधारियों के अत:पुर तक मिशेल के सूत्र फैले थे। दरअसल, ये चिट्ठी फिनमेकैनिका कंपनी के प्रधान कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जुगेपी ओर सी को लिखी गई थी, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर दबाव बनवाया था। इसमें ये भी खुलासा हुआ है कि इस डील से जुड़ी सभी जानकारी मिशेल को संबंधित मंत्रालयों से मिल रही थी।

जुगेपी ओरसी को लिखी चिट्ठी में मिशेल ने दावा किया है कि इस मुद्दे को लेकर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की जो बैठक होने वाली है उसके बारे में उसे जानकारी है। इस मसले पर प्रधानमंत्री, ज्वॉइंट सेकेट्ररी और डिफेंस सेकेट्ररी के बीच में जो बात चल रही है वह उसे भी पता है। इतना ही नहीं तत्कालीन रक्षा मंत्री उनकी डील के पक्ष में हैं।

28 अगस्त, 2009 को लिखी गई इस चिट्ठी के अनुसार, मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड डील से जुड़ी सभी जानकारियां प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय समेत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रही थी। इतना ही नहीं उसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की मुलाकात के बारे में भी पता था।

लंबी कोशिशों के बाद इस डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को यूएई से प्रत्यापित कर भारत लाया गया था। मिशेल को राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था, तभी से वह सीबीआई की कस्टडी में है। गौरतलब है कि 2012 में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल का नाम अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में सौदा कराने और भारतीय अधिकारियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने वाले 3 बिचौलियों में से एक के रूप में सामने आया था। अन्य 2 बिचौलियों के नाम राल्फ गिडो हैस्के और कार्लो गेरोसा है। यह पूरा सौदा करीब 3,600 करोड़ रुपये का था।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.