अंतरिक्ष यात्री को जितना वक्त स्पेस जाने की तैयारी करने में लगता है, उतना ही वक्त वापस धरती पर आकर फिर से सामान्य होने में लगता है। अंतरिक्ष में 197 दिनों तक अनुसंधान कार्यों में लगाने के बाद वापस लौटे वैज्ञानिक को अब पृथ्वी पर चलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एजे (ड्रयू) फ्यूस्टल नामक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ने 21 दिसंबर को ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि फ्यूस्टल को जमीन पर चलने में परेशानी हो रही है। फ्यूस्टल तीन बार अंतरिक्ष में जा चुके हैं और उन्होंने अब तक 226 दिन अंतरिक्ष में गुजारे हैं।

फ्यूस्टल ने ट्विटर पर लिखा है, थोड़ी परेशानी है, क्या आप को नहीं हैं? यह कैसे हो सकता है कि पृथ्वी पर लंबे समय तक रहने वाला व्यक्ति नहीं जानता कि पृथ्वी पर कैसे चला जाए? यह ठीक है कि अंतरिक्ष यात्रियों को सामान्य लोगों की तुलना में अलग तरह से जूझना पड़ता है। पृथ्वी पर लौटने के बाद जमीन पर चलने के लिए उन्हे अपने पैरों पर पकड़ बनाने में परेशानी होती है। फ्यूस्टल के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्री जब स्पेस में रहते हैं तो जहां जीरो ग्रेविटी होती है। वो वहां रोज 2 घंटे की ट्रेनिंग करते हैं ताकी धरती पर आने के बाद चलने में कोई परेशानी न आए। वापस आने पर उन्हें मसकुलर एट्रॉफी जैसी परेशानी हो जाती है। आपको बता दें, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में ट्रेडमिल, स्टेशनरी बाइक और वेटलिफ्टिंग मशीन होती है। जहां अंतरिक्ष यात्री रोज एक्सरसाइज करते हैं। 180 दिन स्पेस में रहने के बाद शरीरिक ताकत 11 से 17 फीसद तक कम हो जाती है। ऐसे में जब एजे ड्रयू फ्यूजटेल स्पेसवॉक करने के बाद धरती पर आए तो उनको चलने में परेशानी हुई।

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