मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में 114 सीट हासिल करने वाली कांग्रेस को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती द्वारा समर्थन देने की घोषणा कर दी है। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की है।

मध्यप्रदेश के पंद्रहवें विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पराजय की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। चौहान लगभग सवा ग्यारह बजे राजभवन पहुंचे और अपना त्यागपत्र सौंप दिया। त्यागपत्र सौंपने के बाद राजभवन के बाहर श्री चौहान ने पत्रकारों से कहा कि अब वे मुक्त हो गए हैं। चुनाव में जनता ने भाजपा को कांग्रेस की तुलना में ज्यादा वोट दिए, लेकिन संख्या बल के आगे वे नतमस्तक हैं और अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। चौहान ने कहा कि भाजपा की पराजय की जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ उनकी है। इसलिए भाजपा ने सरकार के गठन का दावा पेश नहीं करने का निर्णय लिया है। इसके पहले श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास में चुनाव नतीजों के बाद पहली बार पत्रकारों से मुखातिब हुए और कहा कि वे अपना त्यागपत्र देने राजभवन जा रहे हैं।

मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार से जनता पूरी तरह से त्रस्त हो गई थी। जिसके बाद लोगों ने दिल पर पत्थर रख कर कांग्रेस को सत्ता में आने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए हम कांग्रेस को राजस्थान और मध्यप्रदेश में समर्थन देंगे। मायावती ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हमने भाजपा को हराने के लिए चुनाव लड़ा था लेकिन हम जीत नहीं सके। इन प्रदेशों की जनता पूरी तरह भाजपा के साशन से त्रस्त हो चुकी थी। लेकिन वह कांग्रेस की सरकार से भी कम परेशान नहीं रही है। लेकिन फिर भी दिल पर पत्थर रख कर कांग्रेस को एक विकल्प की तरह देखते हुए उसे बहुमत दिया है। बसपा जनता के मत का सम्मान करती है और समाज के वंचित तथा पिछड़े वर्ग के हित में मध्यप्रदेश में कांग्रेस का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी उनकी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करने के लिए तैयार है। वहीं मध्य प्रदेश में बीएसपी के दो विधायक जीते हैं और वहां सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को 2 विधायक की ही जरूरत है। ऐसे में अब कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। उधर, अखिलेश ने भी कांग्रेस को अपना समर्थन देने की पेशकश कर दी है। गौरतलब है कि भाजपा ने राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 109 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा दोपहर बारह बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचेंगे। इस दौरान कांग्रेस अपनी सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। इस आधार पर कहा जा सकता है कि कांग्रेस स्पष्ट बहुमत के लिए जरूरी आंकडा 116 को हासिल करने की स्थिति में आ गयी है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि आज शाम यहां कांग्रेस विधायक दल की बैठक में केन्द्रीय पर्यवेक्षक ए के एंटनी की मौजूदगी में विधायक दल के नेता को लेकर चर्चा होगी। इसी के साथ कांग्रेस सरकार बनाने की दिशा तेजी से आगे बढ़ेगी।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.