चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर चंबा-गागला मार्ग पर हुए बस हादसे में 52 लोगों की मौत हो गई है। 45 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल, चंबा में भर्ती करवाया गया है। हादसे में कई लोगों ने अपना पूरा परिवार ही खो दिया है। हादसे का कारण बस का ओवरलोड होना बताया जा रहा है। बस में 42 लोगों को बैठने की जगह थी, जबकि उसमें 97 लोग सवार थे।

हादसा सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुआ। जब गागला से चंबा के लिए निकली बस बढ़ेई में मैग्जीन प्वाइंट के पास खाई में लुढ़क गई। बस के खाई में गिरते समय कूद कर जान बचाने में कामयाब रहे विजय सिंह ने बताया कि बस मैग्जीन प्वाइंट के पास पहुंची थी कि अचानक बस का पहिया निकल गया। बस खाईं में गिरती देख वह कूद गया। अगले ही क्षण बस 200 मीटर खाई में थी। नीचे गिरने के बाद बस के परखच्चे उड़ गए। बस में सवार यात्रियों के शव खाई में जगह-जगह बिखर गए थे। 40 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। लोगों को ढाढ़स बंधाने पहुंचे विधायक बीके चौहान की गाड़ी में भीड़ ने तोड़-फोड़ की। पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत किया।

गौरतलब है कि गागला के ग्रामीण सरकारी बस सेवा की मांग कर रहे थे। सरकारी बसें उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को निजी बस से ही सफर करना पड़ता है। प्रशासन के राहत व बचाव दल ने सबसे पहले हादसे के बाद घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक कुलदीप शर्मा व एसडीएम रोहित राठौर सुबह से ही राहत व बचाव कार्य में डटे हुए थे।

मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व राज्यपाल उर्मिला सिंह ने चंबा-गागला मार्ग पर हुए बस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और हताहतों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को हादसे की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। यह जांच एडीएम रैंक का अधिकारी करेगा। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख व घायलों को दस-दस हजार देने का आदेश दिया|

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