उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। सुबोध की बहन ने पुलिस पर मिलीभगत करके भाई की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मेरा भाई अखलाक हत्याकांड की जांच कर रहा था, इसलिए उसकी हत्या कराई गई है।

इंस्पेक्टर की बहन ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मेरे भाई को अकेला क्यों छोड़ा गया? उन्होंने सवाल किया कि भाई के साथ मौजूद दरोगा और ड्राइवर भाई को अकेला छोड़कर कहां चले गए थे? इंस्पेक्टर की बहन ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर मुख्यमंत्री योगी सिर्फ बातें कर रहे हैं। वे खुद क्यों नहीं गोरक्षा करके दिखाते हैं? उन्होंने मांग की कि मेरे भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए। एटा के पैतृक गांव में उनका शहीद स्मारक बनाया जाए। सुबोध की बहन ने कहा कि हमारे पिता भी ऐसे ही ड्यूटी करने के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे। हम लोग बहुत बहादुर हैं। उन्होंने सीएम योगी से मांग की है कि वे उनके परिवार से आकर मिलें।

सुबोध की बहन ने सीधा आरोप लगाया कि अखलाक मामले की जांच करने के चलते उनके भाई को मारा गया है। ये पूरी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाए कि मेरा भाई पुलिस जीप में अकेला क्यों था। उन्होंने पूछा कि उस समय साथ में मौजूद दरोगा और ड्राइवर कहां चले गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई की हत्या में पुलिस भी मिली हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई को पुलिस ने मिलकर मरवाया है।

आरोपी के बचान में लगे विधायक और सांसदबुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को बीजेपी विधायक और सांसद का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। बुलंदशहर से बीजेपी विधायक देवेंद्र सिंह लोधी ने इस मामले में योगेश राज को एक किसान बताते हुए पुलिस को ही आरोपी बता दिया। लोधी ने कहा कि पहले पुलिस ने लोगों पर लाठी चलाई और एक कार्यकर्ता को गोली मारी, जिसके बाद वहां पर मौजूद लोग उग्र हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि वह योगेश राज को जानते हैं, लेकिन उससे कभी मिले नहीं। लोधी ने कहा कि लोग पुलिस स्टेशन पर खाली हाथ गए थे, लेकिन जब उनकी नहीं सुनी गई तो वह भड़क उठे।

बुलंदशहर से सांसद भोला सिंह ने भी योगेश राज को दंगा भड़काने का आरोपी नहीं माना। उन्होंने कहा कि जब भीड़ पुलिस चौकी पहुंची और सड़क पर जाम लगा दिया गया तो पुलिस की तरफ से ही योगेश को फोन करके वहां पर बुलाया गया, ताकि वह लोगों को समझाए।

आपको बता दें कि सोमवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथित गोकशी को आधार बनाकर की गई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई। उत्तेजित हथियारबंद भीड़ ने न सिर्फ पुलिस चौकी में तांडव मचाते हुए वाहनों को आग के हवाले किया, बल्कि घायल हुए इंस्पेक्टर को जान बचाने का कोई मौका तक नहीं दिया। यहां तक कि जब सुबोध कुमार के ड्राइवर ने उन्हें पुलिस वैन से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया तो वैन को ही तहस नहस कर दिया गया।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.