मुंबई, प्रेट्र : चेक क्लियरिंग में देरी हुई तो बैंक मुआवजा देंगे। ग्राहकों को राहत देते हुए रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं।

आरबीआइ के दिशानिर्देशों के मुताबिक, विशिष्ट दरों के मौजूद न होने पर बैंक की बचत ब्याज दर पर यह मुआवजा देय होगा। यह नियम स्थानीय चेकों के संबंध में लागू होगा। बैंकों को सुझाव दिया गया है कि वे अपनी चेक कलेक्शन पॉलिसी (सीसीपी) को नए सिरे से तैयार करें। इसमें स्थानीय चेक के क्लियरेंस के लिए निर्धारित समय देने के साथ विलंब पर देय मुआवजे का जिक्र होना चाहिए। इसको लेकर वेबसाइट पर भी जानकारी दी जानी चाहिए। चेक क्लियरेंस को लेकर आने वाली रोज-रोज की समस्याओं को देखते हुए आरबीआइ ने ताजा अधिसूचना जारी की है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बाहरी चेकों के क्लियरेंस में विलंब और मुआवजे के लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बैंकों को बाहरी चेकों को 14 दिनों में क्लियर करना होता है। इसमें विलंब होने पर बैंक निर्धारित ब्याज देने के लिए बाध्य हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.