अंबेडकर मैदान से आंदोलन जारी रखने का किया एलान

नई दिल्ली: बाबा रामदेव द्वारा संसद भवन चलने का एलान करते ही पुलिस ने रामलीला मैदान के चारों तरफ की सड़कें बंद कर दीं और उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर ली। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करते हुए पुलिस ने डीटीसी की 90 बसों की व्यवस्था कर रखी थी लेकिन बाबा व उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी से पहले तथा बाद में पुलिस को घंटों छकाया। बाबा समेत समर्थकों को पुलिस ने राजघाट के पास स्थित अंबेडकर स्टेडियम में लाकर छोड़ दिया, जहां रामदेव ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया।

सोमवार सुबह छह बजे ही रामलीला मैदान के तीन तरफ की सड़कों पर बैरीकेटिंग लगा कर सड़कें बंद कर दी गईं। रंजीत सिंह मार्ग पर बैरीकेटिंग लगाकर लगभग छह हजार पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। दोपहर में बाबा रथ पर सवार होकर संसद भवन के लिए निकल पड़े। उनके साथ सैकड़ों समर्थक भी नारेबाजी करते और तिरंगा लहराते पैदल चल पड़े। पुलिस ने सभी से गिरफ्तारी देने व बसों में बैठने की अपील की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। बार-बार की अपील के बाद रामदेव बस में बैठ गए। थोड़ी देर बाद वह बस की छत पर जाकर बैठ गए। पुलिस कह रही थी कि बाबा को गिरफ्तार नहीं किया गया है, हिरासत में लिया गया है, पर समर्थक बस को आगे बढऩे ही नहीं दे रहे थे। आधा किलोमीटर का रास्ता तय करने में बस को ढाई घंटे लग गए।

जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर एलएनजेपी और जीबी पंत जैसे अस्पताल होने के बावजूद पुलिस का इसी सड़क से रामदेव के मार्च को निकालना मरीजों को भारी पड़ा। इसके चलते पूरा मार्ग जाम हो गया। न तो मरीजों की एंबुलेंस आसानी से अस्पताल पहुंच पा रहीं थी और न ही अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीज घर जा पा रहे थे। जहांगीरपुरी से आ रही कैट्स एंबुलेंस को दिल्ली गेट से एलएनजेपी अस्पताल पहुंचने में 20 मिनट लग गए, जबकि यह दूरी 200 मीटर से भी कम है। वहीं, करोलबाग से एलएनजेपी आ रही एंबुलेंस को बहादुरशाह जफर मार्ग पर जाम का शिकार होना पड़ा।

अंकशास्त्र में भले ही 13 को अशुभ माना जाता हो, मगर रामदेव ने इस संख्या को शुभ माना। नौ अगस्त को जब आंदोलन शुरू किया तो उन्होंने एकबारगी तो महज तीन दिन के अनशन का एलान कर दिया। लेकिन आंदोलन के अंजाम पर विचार करना शुरू किया तो तीन दिनी अनशन को आगे बढ़ाया गया और समापन के लिए अगस्त की 13 तारीख के समय 13 बजे (दोपहर एक बजे) को जाकर चुना। सोमवार को बाबा ने स्वयं इसके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि काफी सोच विचार कर यह दिन और समय तय किया गया क्योंकि अब सरकार की तेरहवीं करने के लिए अंतिम लड़ाई लडऩे की योजना बनाई जाएगी। बाबा ने समर्थकों को 13 अलग-अलग कतारें बनाकर रामलीला मैदान से बाहर निकलने का निर्देश भी दिया था|

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