मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई में शनिवार को हुई हिंसा में 23 व्यक्तियों के शामिल होने के पुख्ता सुबूत पुलिस को मिले हैं। मुंबई के पुलिस आयुक्त अरुप पटनायक ने बताया कि आगजनी और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए छत्रपति शिवाजी टर्मिनल एवं मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से देखा जा रहा है। इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं प्रेस फोटोग्र्राफरों द्वारा ली गई तस्वीरों को भी देखा जाएगा। हिंसा के बाद 100 से ज्यादा लोग अपनी मोटरसाइकिलें आजाद मैदान के बाहर छोड़कर भाग गए थे। अब पुलिस हिंसा की जांच के लिए इन वाहनों के मालिकों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस द्वारा इस प्रकार की जा रही पूछताछ से अब महानगर के मुस्लिम नेताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में जांच के दौरान निर्दोष लोगों को परेशान किए जाने पर नाराजगी जाहिर की।
पुलिस आयुक्त पटनायक का कहना है कि पुलिस द्वारा किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जा रहा है। पटनायक के अनुसार हिंसा के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने की भी न्यायिक जांच की जाएगी। तभी यह कहा जा सकेगा कि पुलिस द्वारा उस समय गोली चलाया जाना उचित था, या नहीं।

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