राफेल विमान बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एरिक ट्रैपियर ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एरिक ट्रैपियर ने दशॉ-रिलायंस के जॉइंट वेंचर से संबंधित आरोपों को नकार दिया। एरिक ट्रैपियर ने कहा कि उन्हें कांग्रेस पार्टी के साथ पुराना अनुभव है और कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा की गई टिप्पणियों ने उन्हें दुखी किया।

 

एरिक ट्रैपियर ने कहा, ‘मैं झूठ नहीं बोलता। सच वही है जो मैंने पहले कहा है और जो बयान दिए हैं वह सच हैं। मेरी झूठ बोलने की आदत नहीं है। मेरे जैसे सीईओ के पद पर बैठकर आप झूठ नहीं बोलते हैं।’ यह जवाब उन्होंने तब दिया जब उनसे राहुल गांधी के आरोपों को लेकर सवाल किया गया। गांधी का आरोप है कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस समूह को दसॉल्ट की ऑफसेट डील देकर फायदा पहुंचाया गया है।

ट्रैपियर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी के साथ हमें लंबा अनुभव है। भारत के साथ हमारा पहला सौदा 1953 में नेहरू और अन्य प्रधानमंत्रियों के साथ था। हम भारत के साथ काम कर रहे हैं। हम किसी पार्टी के लिए काम नहीं कर रहे हैं। हम भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय सरकार को लड़ाकू जैसे रणनीतिक उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं। यही सबसे महत्वपूर्ण है।” राफेल सौदे में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर एरिक ने कहा, ‘हमने अंबानी को खुद चुना। हमारे रिलायंस के अलावा 30 और साझेदार हैं। भारतीय वायुसेना इस सौदे का पक्ष इसलिए ले रही है क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमान चाहिए।’ सीईओ ने बताया, ’36 विमानों की कीमत वही है जो 18 की थी। 36 18 के दोगुने हैं। जहां तक मेरी बात है यह कीमत दोगुनी होनी चाहिए थी। चूंकि यह सरकार से सरकार के बीच है तो इसमें मोलभाव हुआ।

दसॉ़ल्ट और रिलायंस के जेवी पर सफाई देते हुए एरिक ने कहा,’पिछले साल जब हमने जेवी बनाया तो जेवी बनाने का फैसला 2012 में किए गए सौदे का हिस्सा था लेकिन हमने कांट्रैक्ट पर हस्ताक्षर होने का इंतजार किया। हम इस कंपनी में 50:50 के तहत 800 करोड़ रुपये निवेश करने थे। जेवी में दसॉल्ट के 49 और रिलायंस के 51 प्रतिशत शेयर हैं। हम अभी तक इसमें 40 करोड़ रुपये निवेश कर चुके हैं लेकिन यह 800 करोड़ रुपये तक बढ़ेगा। जिसमें 400 करोड़ रुपये दसॉल्ट आने वाले पांच सालों में देगा।’

बता दें कि राहुल गांधी ने 2 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दसॉ ने अनिल अंबानी की घाटे में चल रही कंपनी में 284 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिसका इस्तेमाल नागपुर में जमीन खरीदने के लिए किया गया। राहुल गांधी ने कहा था, “यह साफ है कि दसॉ के सीईओ झूठ बोल रहे हैं। अगर इसकी जांच होती है तो इस बात की गारंटी है कि मोदी नहीं बच पाएंगे।”

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