नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण रोक पाने में विफल केजरीवाल सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आज करारा झटका दिया। एनजीटी ने दिल्ली सरकार पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना दिल्ली की करीब 62 बड़ी यूनिट्स पर लगाम नहीं लगा पाने के कारण लगाया गया है। एनजीटी ने कहा कि हमारे बार-बार दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया गया है। डीपीसीसी ने अब तक हलफनामा तक नहीं दिया कि इन यूनिट्स के लिए बिजली और पानी के कनेक्शन क्यों दिए गए हैं।

कोर्ट ने कहा कि क्या डीपीसीसी के चेयरमैन को इस बात के लिए हम गिरफ्तार करने के आदेश दे दें? दरअसल जैसे ही सर्दी की आहट हुई है वैसे ही दिल्ली-एनसीआर में हवा जहरीली होने लगी है। हालात बिगडऩे की आशंका को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए इमरजैंसी प्लान लागू कर दिया गया है। प्रदूषण से जंग के लिए दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) तो लागू कर दिया गया लेकिन उदासीनता बरते जाने के कारण इसका असर नहीं दिखा। आलम यह रहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध का नोटिस ही नहीं जारी किया। इस कारण विभिन्न स्थानों पर जेनरेटर सेट चलते दिखे। साथ ही वाहन भी धुआं छोड़ते नजर आए।

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