इटावा। समाजवादी पार्टी में चुनाव से पहले शुरू हुई रार अभी थमी नहीं है। समाजवादी पार्टी में वर्चस्व की जंग तीखी होती दिख रही है। एक तरफ अखिलेश और रामगोपाल यादव हैं जो शिवपाल खेमे पर हमला कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शिवपाल लगातार अखिलेश को उनके द्वारा किए गए वादे को याद दिला रहे हैं। अखिलेश यादव किसी भी हालत में पद छोडने को तैयार नहीं है तो शिवपाल अखिलेश के आगे अब झुकने को तैयार नहीं है।

हम बनायेंगे अलग मोर्चा
इस बीच बुधवार को शिवपाल सिंह यादव ने इशारों-इशारों में ऐलान कर दिया कि अगर अखिलेश नहीं माने तो समाजवादी पार्टी में दो फाड़ हो जाएंगे. शिवपाल ने अखिलेश यादव को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर तीन महीने में मुलायम सिंह यादव को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया जाता तो पार्टी में सेक्युलर मोर्चा बनेगा, जो साम्प्रदायिक ताकतों के साथ मुकाबला करेगा।

शकुनि हैं रामगोपाल
इसके अलावा शिवपाल ने राम गोपाल पर जवाबी हमला करते हुए उन्हें शकुनि करार दे दिया। साथ ही कहा कि हम पार्टी का संविधान पढ़ें या न पढ़ें, लेकिन शकुनि को गीता जरूर पढ़नी चाहिए।
इटावा में एक प्रेस कांफ्रेंस में शिवपाल यादव ने कहा कि तीन माह के अंदर सेक्युलर मोर्चे का गठन होगा. साम्प्रदायिक शक्तियों से लड़ने के लिए इसके इलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो वचन पूर्व मुख्यमंत्री ने दिया था, मेरी उन्हें सलाह है और अनुरोध भी कि अपना जो वचन दिया था उसे जरूर पूरा करें. नेता जी को फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएं. अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्होंने जैसे तीन महीने का समय दिया था, हम तीन महीने का समय देते हैं। उसके बाद सेक्युलर मोर्चा बनाएंगे।

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