नई दिल्‍ली। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 24 अप्रैल को नक्सली हमले में शहीद हुए 25 सीआरपीएफ जवानों के परिवार की मदद के लिए क्रिकेटर गौतम गंभीर आगे आए हैं। वे अब जवानों के बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च उठाएंगे। उन्‍होंने कहा कि मैं इस घटना के बाद मैच पर ध्यान नहीं लगा पा रहा था। मेरे मन में यही बात बार-बार गूंज रही थी कि आखिर शहीदों की मदद कैसे की जाए।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक गंभीर ने कहा है कि इस घटना के बाद वह बुधवार रात के मैच में पूरी तरह से ध्यान नहीं लगा पा रहे थे। बता दें कि उस रात राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के खिलाफ मैच में गंभीर और उनकी टीम ने कलाई पर काली पट्टी बांध कर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी थी। गौतम गंभीर ने बताया कि बुधवार सुबह मैंने अखबार उठाया तो 2 शहीद सीआरपीएफ जवानों की बेटियों की तस्वीरें देखी। एक अपने शहीद पिता को सैल्यूट कर रही थी, जबकि दूसरी तस्वीर में रिश्तेदार लड़की को ढांढस बंधा रहे थे। गौतम गंभीर फाउंडेशन इन शहीदों के बच्चों की पूरी पढ़ाई की जिम्मेदारी लेगा। मेरी टीम ने इस पर काम शुरू कर दिया है और जल्द ही मैं इस पर हुई डेवलपमेंट की जानकारी दूंगा। इस बीच, क्रिकेटर के मीडिया मैनेजर ने यह कन्फर्म किया है कि गौतम गंभीर फाउंडेशन शहीदों के बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च उठाएगा।

24 अप्रैल को हमले में 25 जवान शहीद हुए थे
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 24 अप्रैल की दोपहर सीआरपीएफ की 74th बटालियन पर नक्सलियों ने हमला किया। फायरिंग में 25 जवान शहीद हो गए थे। चिंतागुफा और बुरकापाल के करीब सड़क बनाई जा रही है। सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी को वहां सिक्युरिटी में लगाया गया था। करीब 300 नक्सलियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। सीआरपीएफ अफसर के मुताबिक पेट्रोलिंग पार्टी में 99 जवान थे।
बीजेपी ने पहल का वेलकम किया
बीजेपी लीडर वेंकैया नायडू ने गंभीर की इस पहल का वेलकम किया है। ट्वीट में कहा, “सुकमा शहीदों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाकर गौतम गंभीर ने एक एग्जाम्पल दिया है, इंस्पिरेशनल।”

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