लखनऊ। लाल बत्‍ती पर लिए गए पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले के बाद योगी आदित्‍यनाथ ने भी वीआईपी कल्‍चर पर हथौड़ा चला दिया है।
पूर्व सीएम अख‍िलेश यादव की पत्‍नी डिंपल यादव, शिवपाल यादव व आजम खान की सुरक्षा में कटौती करते हुए सरकार ने जेड श्रेणी से वाई श्रेणी में कर दिया है। इसके अलावा भाजपा के फायर ब्रांड नेता व राज्‍यसभा सांसद विनय कटियार की सुरक्षा को जेड श्रेणी किया गया है। योगी सरकार की सुरक्षा समिति की बैठक में ये फैसला लिया गया।

आशू मलिक व अभय सिंह समेत 100 लोगों की सुरक्षा वापस

सरकार बनते ही सीएम योगी ने जता दिया था कि उनकी सरकार के लिए वीआईपी सिर्फ आम जनता है। यही वजह है कि सरकार ने सुरक्षा समिति की बैठक के बाद आशू मलिक, राकेश यादव, अभय सिंह और अतुल प्रधान समेत करीब 100 नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है। हाल ही में गृह विभाग की बैठक के बाद पूर्व सरकार में नेताओं और मंत्रियों को दी गई सुरक्षा के संबंध में रिपोर्ट मंगाई। जिसके बाद सुरक्षा घटाने का फैसला लिया गया। वीआईपी कल्चर खत्म करने के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव गृह को सिर्फ जरूरत के मुताबिक सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सभी वीवीआईपी और वीआईपी को मिली श्रेणीवार सुरक्षा का रिव्यू किया गया।

कैसे और किन्हें मिलती है सुरक्षा

किसी राजनीतिक या विशिष्ट व्यक्ति को वीआईपी सुरक्षा देने का फैसला खतरे के आकलन के बाद होता है। चार श्रेणियों में सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिसे जेड प्लस, जेड, वाई एवं एक्स श्रेणी कहा जाता है। सुरक्षा हासिल करने के लिए सुरक्षा मांगने वाले आवेदक को संभावित खतरे के बारे में बता कर सरकार के समक्ष आवेदन करना होता है। राज्य सरकार व्यक्ति द्वारा बताए खतरे के आकलन पर खुफिया एजेंसियों से रिपोर्ट मांगती है। इसकी पुष्टि होने पर राज्य में गृह सचिव, महानिदेशक और मुख्य सचिव की एक समिति यह तय करती है कि उसे संभावित खतरे के मद्देनजर किस श्रेणी की सुरक्षा दी जाए। ऐसे व्यक्ति का ब्यौरा औपचारिक मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दिया जाता है।

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