हैदराबाद। पीवी सिंधु खेल को रैकिंग से अलग रखती हैं। खेल के समय वह सिर्फ अपना बेस्‍ट देने की कोशिश में लगी रहती हैं । भारत की इस महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु का कहना है कि उनका ध्यान इस समय आने वाली चैम्पियनशिप पर है न कि रैंकिंग पर। सिंधु का मानना है कि अगर वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रहीं तो निश्चित ही एक दिन शीर्ष रैंकिंग पर आ जाएंगी। हाल ही में इंडिया ओपन का खिताब जीत कर सिंधु विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आ गई थीं। पिछले सप्ताह मलेशिया ओपन के पहले दौर में ही हार कर बाहर होने के चलते सिंधु दूसरे पायदान से फिसल गईं और इस समय विश्व वरीयता में तीसरे नंबर पर हैं।
हार व जीत तो खेल का हिस्‍सा हैं
रियो ओलम्पिक-2016 में रजत पदक विजेता सिंधु ने बातचीत में कहा, “हार और जीत खेल का हिस्सा है। कई बार आप जीतते हैं तो कई बार आप हारते हैं।” सिंधु अपने ऊपर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं लेना चाहतीं। उन्होंने कहा, “अगर आप अच्छा खेलते हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं तो इससे अपने आप ही आपकी रैंकिंग में सुधार होता है।”
मैं और मारिन कोर्ट के बाहर बहुत अच्‍छे दोस्‍त हैं
सिंधु इस समय अपना पूरा ध्यान 25 अप्रैल से शुरू होने वाले एशिया बैडमिंटन चैम्पियनशिप पर लगा रही हैं और उसके बाद वह मई में होने वाले सुदीरमन कप में हिस्सा लेंगी। सिंधु ने इंडिया ओपन के फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन को हराकर खिताब जीता था। मारिन ने रियो ओलम्पिक के फाइनल में सिंधु को मात देकर उन्हें स्वर्ण से महरूम रखा था। सिंधु ने मारिन के साथ अपनी प्रतिद्वंद्वीता पर कहा, “मैंने उन्हें कई बार हराया और उनसे कई बार हारी भी हूं। यह खेल का हिस्सा है।” उन्होंने कहा, “कोर्ट पर हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं क्योंकि हम में से कोई एक ही जीत सकता है।” सिंधु ने कहा कि वह और मारिन कोर्ट के बाहर बहुत अच्छी दोस्त हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.