न्‍यूज नेटवर्क टीम
लखनऊ। पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को कहा था कि वह लोकतंत्र को बचाने के लिए किसी से भी हाथ मिलाने को तैयार हैं। वहीं आज पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश ने भी कह दिया कि झूठ के खिलाफ किसी से भी गठबंधन को तैयार हैं। इससे पहले चुनावी नतीजों के आने से ठीक पहले भी अखिलेश ने भाजपा को सत्‍ता में न आने देने के लिए मायावती से हाथ मिलाने की बात कही थी। यह अलग बात है कि भाजपा के बम्‍पर बहुमत के सामने अखिलेश व माया के सारे सपने धूल में मिल गये।
हम किसी भी तरह के गठबंधन का स्‍वागत करेंगे
समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने कहा कि वह झूठ के खिलाफ गठबंधन के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को अंबेडकर जयंती के मौके पर मायावती ने भी कुछ इसी तरह का बयान दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से जिस तरह पूरे देश में झूठ फैलाया है जिस तरह धर्म-जाति के आधार पर ध्रुवीकरण किया गया, उससे मुझे लगता है कि राजनैतिक रूप से कोई ऑप्शन होना चाहिए। हम स्वागत करने वाले लोग हैं, किसी भी तरह के गठबंधन का स्वागत करेंगे।
जनता को धोखा देकर बनी है यह सरकार
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सपा में दो महीने चलने वाले सदस्यता अभियान के बारे में बताया कि इसके जरिए जो काम किए थे उसे बताने का भी मौका मिलेगा। मिस्ड कॉल के माध्यम से भी सदस्य जोड़ेंगे। साथ ही हम गाँव-गाँव जाकर सदस्यता अभियान चलाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हमसे जुड़ें।
वहीं बीजेपी और ईवीएम पर प्रहार करते हुए अखिलेश ने कहा कि जनता को धोखा देकर नई सरकार बनी है। जनता से धोखे से वोट लेने का काम किया है। बहराइच में ईवीएम शिकायत के बाद बदली गई थी। वहां की ईवीएम पर बटन दबाने पर बीजेपी की पर्ची निकली। हमारा भी यही मानना है कि सॉफ्टवेयर कब खराब हो जाए, मशीन में गड़बड़ी हो सकती है। अब चुनाव आयोग बताए कि मशीन में खराबी क्यों हो रही है। इसी के साथ अखिलेश ने चुनाव आयोग से बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग की। अखिलेश ने कहा कि बैलेट पेपर पर 100 फीसदी भरोसा है।

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