स्वतंत्रता सेनानी एवं आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजीमेंट की कमांडर पद्मविभूषण कैप्टन डॉ. लक्ष्मी सहगल का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार को कानपुर मेडिकल सेंटर में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वह 98 वर्ष की थीं।

lakshmi_Sahgal_black_and_white_young_oldलक्ष्मी सहगल की इच्छा के अनुसार निधन के तत्काल बाद उनके नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। दिल का दौरा पड़ने पर पर उन्हें गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। माकपा के महासचिव प्रकाश करात, माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात, केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। कैप्टन सहगल की पुत्री पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने बताया कि उनकी इच्छा के अनुसार मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में उनका देहदान भी किया जाएगा। गौरतलब है कि दिल का दौरा पड़ने के एक दिन पहले तक कैप्टन सहगल ने कानपुर के अपने क्लीनिक में मरीजों का इलाज किया। अंतिम समय में उनके नाती और फिल्म निर्माता शाद अली भी उनके पास मौजूद थे।

‘लक्ष्मी सहगल के जाने से देश ने उदारता के मूल्यों और नि:स्वार्थ सेवा का एक आदर्श व्यक्तित्व खो दिया है।’

-मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री


‘लक्ष्मी जी हमारे परिवार के बेहद करीब थीं। हम उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते थे। उनके जाने से हमारा व्यक्तिगत नुकसान हुआ है।’

-कृष्णा बोस, सुभाष चंद्र बोस की बहू


‘लक्ष्मी सहगल ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’

-अमिताभ बच्चन


‘देश ने मानवीय मूल्यों, साहस, समर्पण व अनुशासन के मेलजोल से बना एक महान व्यक्तित्व खो दिया है। वह उन वंचितों, दलितों व महिलाओं द्वारा हमेशा याद की जाएंगी, जिनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी।’

-प्रकाश सिंह बादल, मुख्यमंत्री, पंजाब।

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