लखनऊ। योगी सरकार ने सूखे से निपटने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश में तालाब विकास प्राधिकरण गठित करके तालाबों को बचाने व विकसित करने का काम किया जाएगा। इससे किसानों को पानी की उपलब्धता बनाए रखने के साथ भूजल स्तर की गिरावट में मदद मिलेगी। यह जानकारी देते हुए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभाग की छवि निखारने के लिए घोटालेबाजों पर सख्ती का अभियान जारी रखने का एलान भी किया। सिंचाई विभाग का सौ दिन का एक्शन प्लान भी बताया।
32 हजार से अधिक तालाबों का होगा संरक्षण
सिंचाई मंत्री ने बुंदेलखंड में पेयजल संकट के स्थायी निदान के लिए कार्ययोजना बनाने बात कही। खेत तालाब योजना में सुधार के अलावा सिंचाई विभाग द्वारा नलकूपों व नहरों द्वारा भरे जाने वाले 32 हजार से अधिक तालाबों का संरक्षण व पुनरोद्धार करने को तालाब विकास प्राधिकरण की स्थापना होगी। प्राधिकरण गठन के लिए बजट प्राविधान जल्द किया जाएगा। सिंचाई मंत्री ने आरोप लगाया कि विभाग में कई योजनाएं केवल भ्रष्टाचार के लिए ही बनाई लगती हैं। एरच परियोजना का बजट 612.03 करोड़ से बढ़ा कर 1083.73 करोड़ रुपये करने के पीछे मंशा साफ नजर नहीं आती। इसी तरह गोरखपुर की गंडक परियोजना में दो सौ करोड़ रुपये की गड़बड़ी बताई जा रही है। सोलर ऊर्जा योजना को बढ़ावा देने के साथ साथ मुख्यमंत्री सिंचाई फंड स्थापित किया जा रहा है। जिसमें 20 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराकर उसका अधूरी परियोजनाओं को गति देने में इस्तेमाल किया जाएगा।
घोटालेबाजों से वसूली जायेगी रकम
सिंचाई मंत्री ने विभागीय छवि सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। दोषियों पर विभागीय ही नहीं पुलिसिया कार्रवाई भी की जाएगी। घोटालेबाजों से हड़पी रकम की वसूल की जाएगी। मंत्री ने माना कि गोंडा जिले में एल्गिन चरसरी तटबंध की बुनियाद ही गलत थी। इसी कारण उसके निर्माण से दस गुणा बजट उसको बचाने पर खर्च हो चुका है। इसके बाद तटबंध को बचाना दुर्भर है। बचाव का स्थायी उपाय करने को 97.35 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। बलिया का दुबेछपरा टिंगरही तटबंध तथा सिद्धार्थनगर के अशोगवां नगवां तटबंध को सुरक्षित बनाने के बारे में भी बताया। सिंचाई मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 38 जिलों में बाढ़ संकट रहता है। ऐसे स्थानों पर बाढ़ से बचाव की योजनाओं को 20 मई तक पूरा कर लेने को कहा गया है। नहरों की सफाई और टेल तक पानी पहुंचाने की योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रखने का दावा किया। उन्होंने सिंचाई बंधु को अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया।

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