भारतीय वैज्ञानिकों ने पांच साल के व्यापक अन्वेषण के बाद छोटे नाइट फ्रॉग (मेंढकों) की सात ऐसी नई प्रजातियां ढूंढ निकाली हैं, जो एक बच्चे के हाथ के नाखून पर भी आराम से बैठ सकता है।

पश्चिमी घाटों में दिल्ली विश्वविद्यालय के दो शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में कहा गया कि इन मेंढकों को पहले नजरअंदाज कर दिया गया था क्योंकि इनके आवास गुप्त थे और आवाजें कीटों जैसी थीं।

नए अध्ययन का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर एस डी बीजू ने कहा, ‘यह बेहद अहम निष्कर्ष है क्योंकि ये बहुत छोटे भौगोलिक क्षेत्र से हैं। बाघ और हाथियों जैसे बड़े जानवरों के अलावा इस छोटे जल-स्थलचर का संरक्षण भी जरूरी है क्योंकि इन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा है।’

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.