बुधवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने मनमोहन की तारीफ के साथ साथ उनपर तंज भी कसे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में कहीं इतना बड़ा फैसला नहीं हुआ। नोटबंदी पर पहली बार जनता और सरकार साथ आई, क्योंकि आम तौर पर जनता और सरकार आमने-सामने होती है। अलबत्ता इस मुद्दे पर नेताओं और जनता के मिजाज जरूर अलग-अलग देखने को मिले। पीएम मोदी ने कहा कि जब तक बेईमानों के प्रति कठोरता नहीं बरती जाएगी तब तक ईमानदार लोगों की ताकत को बढ़ाया नहीं जा सकता है। नोटबंदी से ईमानदार लोगों को ताकत मिलेगी ऐसा हमारा यकीन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गोडबोले जी की किताब में लिखा है कि इंदिरा जी के समय एक अफसर ने कहा था कि वह नोटबंदी के खिलाफ थीं क्‍योंकि उनका कहना था कि उन्‍हें चुनाव भी लड़ना होता है। जब वांचू कमेटी ने रिपोर्ट दिया था तब काला धन और नकद तक ही समस्‍याएं सीमित थीं। लेकिन बाद में आतंकवाद, नक्‍सलवाद, ड्रग्‍स के कारोबार समेत कई क्षेत्रों में समस्‍याएं फैल गईं।

इस दौरान पीएम मोदी ने नोटबंदी के संदर्भ में शीतकालीन सत्र में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राज्यसभा में दिए गए वक्तव्यों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना डॉ. साहब (मनमोहन सिंह) अच्छे से जानते हैं। 30-35 सालों से आर्थिक फैसलों में मनमोहन सिंह की भूमिका रही है। इतने घोटाले सामने आए लेकिन मनमोहन सिंह पर दाग नहीं लगा। मनमोहन पर पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कांग्रेस के सांसदों ने सदन से वॉक आउट किया।

नोटबंदी के ढेर सारे फायदे गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 40 दिनों में 700 माओवादियों ने आत्‍मसमर्पण कर दिया जो कि अद्वितीय घटना है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में नोटबंदी जैसा कुछ भी नहीं हुआ है। इसलिए अर्थशास्त्रियों के पास इसके विषय में जानकारी नहीं है। यह विश्‍वविद्यालयों के लिए अध्‍ययन का विषय हो सकता है। नोटबंदी से परेशानियों के बावजूद कोई हिंसा नहीं हुई, क्योंकि देश बुराइयों से लड़ने के लिए आतुर है। जो लोग जाली नोट बना रहे थे, उन्‍हें आत्‍महत्‍या करनी पड़ी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के हंगामे के बीचे कहा कि नोटबंदी ईमानदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई। नोटबंदी का लाभ ईमानदार लोगों को मिलेगा. इस बीच उन्होंने जाली नोट की चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद को बढ़ावा देने में जाली नोट का उपयोग होता है। कुछ लोग उछल-उछल कर कह रहे हैं कि आतंकियों के पास से 2000 के नोट मिले थे। पता होना चाहिए कि नोटबंदी के दौरान बैंक लूटने का प्रयास हुआ जम्मू-कश्मीर में। नोट लूटने के बाद जो एनकाउंटर हुआ उसमें आतंकी मारे गए।

इससे पहले कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने बुधवार को राज्यसभा में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुनने में आ रहा है कि मौजूदा सरकार हर काम पहली बार कर रही है। इतना ही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि गुस्से और डांट से पीएम पद की गरिमा कम होती है। आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर वार करते हुए कहा कि सुनने में आता है कि देश में पहली बार व्यापार हो रहा है, पहली बार विश्व स्तर पर भारत को सम्मान मिल रहा है। पहली पहली चंद्रयान और मंगलयान जैसी चीजें हो रही हैं।

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