पहले मीडिया को नाम भी बताया, जांच आयोग से अलका लाम्बा का नाम हटाया

assam cmगुवाहाटी में लडक़ी से छेड़छाड़ के मामले को लेकर देश में कड़ी प्रतिक्रिया के बाद दो लोगों को उनके पद से हटा दिया गया। इनमें से एक शहर के एसएसपी अपूर्व जीवन बरुआ हैं। बरुआ के अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग के जांच पैनल से अलका लांबा को पीडि़त लडक़ी की पहचान जाहिर करने पर पैनल से हटा दिया गया है। दूसरी ओर, अलका लांबा के अलावा खुद राज्य के मुख्यमंत्री ने इस लडक़ी का नाम मीडिया में जारी किया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ऑफिस की ओर से इस लडक़ी की तीन फोटो भी मीडिया में जारी की गई है|

महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि जांच पैनल की सदस्य अलका लांबा ने पीडि़त लडक़ी का नाम सार्वजनिक करके गलती की थी। इसलिए उन्हें हटा दिया गया है। हालांकि लांबा ने कहा कि लडक़ी का नाम छह-सात दिन से सबकी जानकारी में था और उन्होंने कुछ नहीं किया है। महिला आयोग की टीम की पूर्व सदस्य अलका लांबा कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।

गुवाहाटी में टीनएजर लडक़ी के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में जांच के लिए वहां भेजी गईं राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अलका लांबा को हटा दिया गया है। अलका पर पीडि़त लडक़ी के नाम का खुलासा करने का आरोप है। बीजेपी लीडर स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया था कि नाम का खुलासा करके अलका ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है। उधर, गुवाहाटी के शहर एसएसपी अपूर्व जीवन बरुआ का ट्रांसफर कर दिया गया है।

इस बीच पता चला है कि नाबालिग को सरेआम बेइज्जत करने की घटना का मुख्य आरोपी भुवनेश्वर में है। यह बात खुद असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कही है। सोमवार को असम विधानसभा के बाहर गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि मुख्य आरोपी अमरज्योति कालिता के मोबाइल फोन की ट्रैकिंग से उसके भुवनेश्वर में मौजूद होने का पता चला है। उसे पकडऩे की कोशिशें जारी हैं। हमारी पुलिस ओडिशा पुलिस से संपर्क में है और जल्द उसके पकड़े जाने की उम्मीद है।

पुलिस ने कालिता को पकड़वाने वाले को एक लाख रुपये की नकद मदद का ऐलान किया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में भी असम और पड़ोसी राज्यों में सर्च ऑपरेशन हो रहा है। अब तक सात लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि 9 को पकड़ा जाना है।

पत्रकार का अनैतिक रवैया था

गोगोई ने आरोप लगाया कि जिस टीवी चैनल के रिपोर्टर ने टीनएजर पर हमले का विडियो बनाया उसका रोल अनैतिक था। घटना का विडियो बनाना उसकी पत्रकारीय जिम्मेदारी थी पर पुलिस को बुलाने की उसकी सामाजिक जिम्मेदारी भी बनती थी। मीडिया हर मौके पर सरकार और पुलिस को ब्लेम करता है मगर पत्रकारों की भी समाज के प्रति जिम्मेदारी बनती है। गोगोई ने कहा कि मैं खुद भी पीडि़त लडक़ी से मिलकर उसे मदद का भरोसा देना चाहता हूं।

उधर, असम पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विडियो बनाने वाले पत्रकार और कैमरापर्सन से भी पूछताछ की जाएगी। इस बारे में राज्य सरकार ने केंद्र को भी बता दिया है।

अल्फा ने भी किया विरोध

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन अल्फा के वार्ता विरोधी धड़े ने सोमवार को लोगों से अपील की कि वे गुवाहाटी की घटना का विरोध जारी रखें। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। मु_ी भर लोगों ने, जिन्हें इंसान कहलाने का भी हक नहीं, असम की जनता का सिर दुनिया के सामने शर्म से झुका दिया है।

क्राइम बढऩे की जांच होगी : इस सवाल पर कि मामले की जांच कर रही महिला आयोग की टीम से वह क्यों नहीं मिले, गोगोई ने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी थी कि वह सीएम से मिलें। मैं मिलने को तैयार था। राज्य में क्राइम की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए मैंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से डेटा मांगा है और उसके मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस मसले पर विधानसभा में भी हंगामा हुआ। अध्यक्ष की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव को नामंजूर किए जाने के बाद एआईयूडीएफ, असम गण परिषद और बीजेपी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।

एक 82 साल के बुजुर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर गुवाहाटी में छेड़छाड़ की शिकार लडक़ी को मुआवजा दिए जाने की गुहार लगाई है। मध्य प्रदेश के रहने वाले याचिकाकर्ता ने अर्जी में कहा है कि लडक़ी को 27 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया जाए। इस मामले में असम सरकार पर सवाल उठाया गया और कहा गया कि सरकार संविधान के तहत काम करने में नाकाम रही है|

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