दक्षिण चीन सागर पर एक बार फिर अमेरिका और चीन आमने-सामने आते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका ने एक बार फिर से इस मुद्दे पर चीन को चेतावनी दी है। अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि कोई भी व्यापार एक तरफा नहीं हो सकता है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने से पहले ही इस पर अपनी राय और रणनीति खुलेतौर पर सभी के समक्ष रख चुके हैं। उन्होंने हर बार ही इस मुद्दे पर चीन को घेरने और उसे धमकाने की कोशिश भी की है।

चीन सागर के मुद्दे पर ट्रंप के कड़े रुख
दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर ट्रंप के कड़े रुख के बाद प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने कहा कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा हर हाल में करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो द्वीप अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में आता है वह चीन का नहीं हो सकता। सीन का कहना था कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि अंतरराष्ट्रीय हितों को किसी एक देश द्वारा न तोड़ा जा सके। गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के अलावा भी कई अन्य देश अपना अधिकार बताते हैं। अमेरिका का कहना है कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ही सुलझाया जाना चाहिए।

स्पाइसर का कहना है कि अमेरिका को अपना सामान बेचने के लिए चीन की बड़ी मार्केट की जरूरत है लेकिन वह मौजूदा नीतियों को आगे भी जारी रखने के हित में भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के कई बड़े व्यापारी अमेरिका को चीन में सामान बेचने के लिए आने देना चाहते हैं।

इस संबंध में पिछले दिनों रेक्स टिल्लरसन ने कड़ा रुख इख्तियार किया था। उन्होंने बेहद साफ शब्दों में चीन को विवादित द्वीप पर निर्माण तत्काल प्रभाव से रोकने को लेकर भी चेतावनी दी है। उसका कहना है कि सबसे पहले चीन को विवादित द्वीप पर निर्माणकार्य बंद कर देना चाहिए और दूसरे चीन का इस द्वीप पर आना और जाना भी बंद होना चाहिए

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