केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सरकार के सबसे बड़े कदमों में से एक कहे जाने वाले ‘जीएसटी’ को लागू करने की नई तारीख का अंदेशा दिया है। जेटली ने कहा कि वस्तु और सेवा कर व्यवस्था के तहत दोहरे नियंत्रण का मुद्दा सुलझ गया है और अब जीएसटी एक जुलाई से लागू हो सकती है। इससे पहले इस कानून को लागू करने की निर्धारित तारीख एक अप्रैल 2017 थी।

राष्ट्रीय राजधानी में जीएसटी परिषद की नौवीं बैठक के बारे में जेटली ने कहा कि जीएसटी मसौदा विधेयक व नियमों को अंतिम रूप देने तथा राज्य विधानसभाओं द्वारा इसे पारित करने में लगने वाले समय के कारण इसका क्रियान्वयन एक अप्रैल से नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, “व्यापक आम राय के मुताबिक, इसे एक जुलाई से लागू किया जा सकता है।” वित्तमंत्री ने कहा, “इसके अलावा, उद्योग तथा व्यापार को जीएसटी के लिए तैयार होने के लिए नोटिस देना पड़ेगा।” वित्तमंत्री ने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच दोहरे नियंत्रण के मुद्दे पर मतभेद सुलझ गया है।

उन्होंने कहा, “केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बनी समझ के मुताबिक, 1.5 करोड़ रुपये तक सालाना कारोबार करने वालों में से 90 फीसदी जीएसटी करदाताओं पर राज्य का नियंत्रण होगा, जबकि बाकी 10 फीसदी पर केंद्र सरकार का।”

केरल के वित्तमंत्री थॉमस इसाक ने कहा कि इस विवादित मुद्दे को सुलझाने के लिए किसी तारीख पर फैसला नहीं लिया गया। संभावना है कि इस मुद्दे पर चर्चा अब एक फरवरी को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा केंद्रीय बजट पेश करने के बाद ही होगी। इससे पहले परिषद की आठ बैठकों के दौरान दोहरे नियंत्रण के मुद्दे पर केंद्र तथा राज्यों के बीच जारी गतिरोध नहीं टूट पाया।

इसाक ने कहा, “तमिलनाडु ने समझौता फॉर्मूला पेश किया, जिसमें 1.5 करोड़ से कम के कारोबार वाले व्यापार पर राज्यों के नियंत्रण तथा आडिट के लिए केंद्र को इस पर 10 फीसदी कर दिए जाने की बात कही गई।”

उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री क्षेत्रों में होने वाली बिक्री पर जीएसटी को लेकर आमराय लगभग बन चुकी है। तटवर्ती राज्यों के 12 समुद्री मील के दायरे में होने वाले व्यापार पर जीएसटी लगाने का कई राज्यों ने विरोध किया है। इसाक ने कहा, “क्षेत्रीय मुद्दे पर हमने सहमति जताई है कि राज्य कर संग्रह करना जारी रख सकता है।” जेटली ने परिषद की अगली बैठक 18 तारीख को तय की है।

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