पश्चिम बंगाल के गंगासागर में रविवार को मकर संक्रांति के दौरान लगने वाले मेले में भगदड़ के दौरान 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 15 से ज्यादा लोगों की घायल होने की खबर है। वहीं, घायलों में तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। भगदड़ कचुबेरिया इलाके में जेटी नंबर पांच पर हुई। यहां हर साल मकर संक्रांति के दौरान मेला लगता है।

कब और कैसे हुआ हादसा
हादसा तब हुआ जब श्रद्धालु रविवार शाम 4:30 बजे बड़े तादाद में दिन ढलने से पहले गंगासागर से कोलकाता वापस लौटने का इंतजार कर रहे थे। वहां करीब दो घंटे से कोई नाव नहीं पहुंची थी इसलिए श्रद्धालु जल्दबाजी कर रहे थे। इसी दौरान जेटी नंबर पांच पर ज्यादा लोग जमा हो गए। इसी दौरान भगदड़ मची। कोलकाता से सौ किमी दूर दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित सागर द्वीप पर हर साल मकर संक्रांति के मौके पर गंगासागर मेले का आयोजन होता है। हादसा गंगासागर के कुचुबेरिया इलाके में हुआ है, ये इलाका 24 परगना से सिर्फ पांच किलोमीटर दूर है। भगदड़ तब हुई जब लोग बोट पर सवार हो रहे थे। टीएमसी का कहना है कि हादसे के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और हालात अब कंट्रोल में है।

मोक्ष की प्राप्ति के लिए गंगासागर में लगाते हैं डुबकी
मकर संक्रांति पर गंगासागर में डुबकी लगाने के लिए दुनिया के विभिन्न भागों से तीर्थयात्री, साधु-संत आते हैं और संगम में स्नान कर सूर्यदेव को अर्ध्य देते हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर गंगासागर की तीर्थयात्रा सैकड़ों तीर्थयात्राओं के बराबर है। यही नहीं, लाखों श्रद्धालु मोक्ष की कामना लेकर गंगासागर में डुबकी लगाते हैं।

क्या है गंगासागर
भारत की नदियों में सबसे पवित्र गंगा, गंगोत्री से निकल कर पश्चिम बंगाल में जहां उसका सागर से मिलन होता है, उस स्थान को गंगासागर कहते हैं। परंपराओं में इसे सागरद्वीप भी कहा जाता है। यहीं मकर संक्राति पर पर मेला लगता है। यहां लगने वाला गंगासागर मेला सदियों से विश्व विख्यात है। यहां मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। कोस्ट गार्ड और पुलिस सिक्युरिटी के लिए तैनात रहती है। खास बात ये भी है कि यहां मेला मकर संक्रांति के एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाता है। श्रद्धालु संगम ने स्नाकर सूर्य देव को अर्ध्य देते हैं। हिन्दू धर्मग्रन्थों में इसकी चर्चा मोक्षधाम के तौर पर की गई है।

गौरतलब हो कि इससे पहले शनिवार को पटना के सबलपुर गंगा दियारा में मकर संक्रांति के अवसर पर नाव पलटने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। यहां पतंगबाजी में उत्सव में शामिल होकर एनडीआरएफ की नाव से वापस लौट रहे लोगों के साथ ये हादसा हुआ था। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

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