शिवपाल सिंह यादव ने गाजियाबाद जेल में बाबू सिंह कुशवाहा व प्रदीप शुक्ला से की मुलाकात

Babu Singh Kushwaha and Shivpal Singh Yadav
Babu Singh Kushwaha and Shivpal Singh Yadav

अब बाबू सिंह कुशवाहा पर मेहरबान हो रही है सपा। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने भी एनआरएचएम घोटालेबाजों की ओर से मिल रही धमकी का खुलासा कर एक तरह से बाबू सिंह कुशवाहा की गर्दन बचाने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश के कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह यादव गाजियाबाद की डासना जेल में बंद बाबू सिंह कुशवाहा और प्रदीप शुक्ला से सोमवार की शाम को मिलने गए थे। बसपा के शासनकाल में हुए करोड़ों रुपए के एनआरएचएम घोटाले के दो प्रमुख अभियुक्तों से समाजवादी पार्टी की सरकार के ‘सर्वशक्तिमान’ मंत्री की इस मुलाकात के गम्भीर मायने हैं। इन दो अभियुक्तों में से एक बाबू सिंह कुशवाहा  बसपा सरकार में ताकतवर मंत्री थे और प्रदीप शुक्ला बसपा सरकार के प्रभावशाली नौकरशाह। इन दोनों अभियुक्तों से सपा सरकार के काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव की मुलाकात शिष्टाचार मुलाकात तो नहीं ही मानी जा सकती। लिहाजा, 17 जुलाई को अभियुक्तों की जमानत पर होने वाली सुनवाई के पहले हुई इस मुलाकात  के मायने समझे जा सकते हैं|

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव सोमवार नौ जुलाई की शाम साढ़े पांच बजे गाजियाबाद की डासना जेल में दाखिल हुए। उस समय जेल में सन्नाटा था और मुलाकातियों की भीड़ भी नहीं थी। मंत्री के पहुंचते ही जेल का दरवाजा खुल गया और जेल के अंदर एक खास कमरे में शिवपाल सिंह यादव और बाबू सिंह कुशवाहा की मुलाकात हुई। मुलाकात के वक्त दरवाजा बंद था और अंदर गुफ्तगू चल रही थी। शिवपाल और कुशवाहा में करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। कुशवाहा के मिल कर जाने के बाद वहां आईएएस प्रदीप शुक्ला आए। शिवपाल सिंह यादव और प्रदीप शुक्ला में करीब 20 मिनट तक अकेले में बातचीत हुई। इन महत्वपूर्ण मुलाकातों के बाद मंत्री वापस लौट आए। एनआरएचएम घोटाले के मुख्य अभियुक्त प्रदीप शुक्ला ने स्वास्थ्य को आधार बना कर अपनी जमानत की अर्जी दाखिल कर रखी है, जिस पर 10 जुलाई को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन अब वह 17 जुलाई को होगी। शिवपाल का डासना जेल जाकर प्रदीप शुक्ला से मुलाकात करना यह बताता है कि शुक्ला सपा नेताओं से कितने अंतरंग रहे हैं। शुक्ला की पत्नी आराधना शुक्ला सपा शासनकाल में लखनऊ की जिलाधिकारी हुआ करती थीं और उनके पिता धरनीधर त्रिवेदी से मुलायम सिंह यादव के नजदीकी सम्बन्ध रहे हैं। दोनों इटावा के हैं और लखनऊ स्थित मुलायम सिंह यादव का मौजूदा आवास पहले श्री त्रिवेदी का ही हुआ करता था। घोटाले में नामजद होने के बावजूद प्रदीप शुक्ला ने सपा की जीत के बाद मुलायम सिंह यादव से उनके आवास पर मिलने की कोशिश की थी। अखिलेश यादव के शपथग्रहण समारोह में प्रदीप शुक्ला की सक्रियता सार्वजनिक तौर पर देखी गई थी|

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