नई दिल्ली। आम जनता को राहत पेट्रोल मिल गई है पंप मालिकों और बैंकों के बीच कार्ड पेमेंट को लेकर जो शुरु हुआ विवाद फिलहाल सुलझ गया है. 13 जनवरी तक अब पेट्रोल पंप पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने में लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी. आगे क्या होगा इसके जलद ही बैंकों और सरकार के बीच बैठक में फैसला लिया जाएगा.

क्या है एमडीआर विवाद?
नोटबंदी के बाद सरकार ने जो एमडीआर यानि मर्चेंट डिस्काउंट रेट को 50 दिनों के लिए हटाया था वो खत्म हो चुका था, लिहाज़ा बैंकों ने फौरन ही पेट्रोल पंपों को एमडीआर वसूलने का सर्कुलर भेजा. इसके विरोध में पंप मालिकों ने आज से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट नहीं लेने का फैसला कर लिया था लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद तेल कंपनियों ने उनसे फैसले को 13 जनवरी टालने को कहा. इसके साथ ही बैंकों ने ट्रांजेक्शन चार्ज लेने के अपने फैसले को भी टाल दिया, जिसके बाद पेट्रोल पंप मालिकों कार्ड पेमेंट ना लेने का अपना फैसला वापस ले लिया.

0.25 से 1 फीसदी तक एमडीआर चार्ज
एमडीआर का मतलब है मर्चेंट डिस्काउंट रेट, जब भी कोई डेबिट या क्रेडिट कार्ड से कुछ खरीदता है तो दुकानदार पर ये चार्ज लगता है. क्रेडिट कार्ड पर एक फीसदी और डेबिट कार्ड पर 0.25 से 1 फीसदी तक एमडीआर चार्ज लगता है. इसी एमडीआर को आज से पेट्रोल पंपों को देना पड़ता. इसीलिए पेट्रोल पंपों ने कार्ड पेमेंट को बंद करने का फैसला किया था. पंप मालिकों के इस फैसले के बाद देशभर के पेट्रोल पंपों पर भीड़ लग गयी. क्योंकि एक तो कैश की किल्लत और ऊपर से कार्ड पेमेंट नहीं होने से अफरा तफरी मचने की पूरी संभावना थी.

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