टीम न्यूज नेटवर्क 24
लखनऊ। कहते हैं इतिहास स्वयं को दोहराता है। रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में इतिहास आज वर्तमान के सामने था। अखिलेश को राष्टï्रीय अध्यक्ष बनाये जाने का ऐलान हो रहा था तब पुराने समाजवादियों को वो दिन याद आ गए जब मुलायम सिंह यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर की सजपा कुचल कर सपा बनाई थी। सपा मुखिया को आज उनका अपना ही बेटा बेनकाब कर रहा था। अखिलेश यादव ने सपा के पुराने मुखौटे उतार कर फेंक दिया। सपा को खड़ा करने वाले मुलायम शिवपाल और अमर सिंह आज दूध में मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दिए गए। अवसरवादी आजम खान और धर्मेन्द यादव अखिलेश के साथ खड़े थे। पुराने समाजवादी अवाक थे। रेवतीरमण सिंह भी मुलायम व शिवपाल के चीरहरण पर मौन साधे रहे। मुलायम सिंह यादव का दांव खुद पर ही उल्टा पड़ा और पूर्व नियोजित पटकथा अखिलेश के अति उत्साह में पलटती जा रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी के उस विशेष अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है जिसको पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने असंवैधानिक घोषित किया है।लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में पार्टी के विशेष आपातकालीन अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के पद से बर्खास्तगी तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह को बाहर करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। अधिवेशन में पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को सरंक्षक तथा सांसद धर्मेन्द्र यादव को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अखिलेश, मुलायम को बनाया मार्गदर्शक
अधिवेशन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव पद से हटाने के साथ ही अमर सिंह को पार्टी से ही बाहर करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव को पार्टी का सरंक्षक बनाया गया है। इसके साथ ही सभी राष्ट्रीय तथा प्रदेशीय कमेटियों को भंग करने का प्रस्ताव पारित किया गया। शिवपाल सिंह यादव को भी हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस बैठक में अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने के प्रस्ताव के साथ ही विलेन घोषित करने पर भी मुहर लग गई।
समाजवादी पार्टी के विशेष अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि मेरा नेताजी से रिश्ता कोई खत्म नही कर सकता है। मैं तो पार्टी के साथ परिवार बचाने को सभी जिम्मेदारी निभाऊंगा। मेरे लिए नेताजी का सम्मान और स्थान सर्वोच्च है।
कुछ लोग चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार न बने
अखिलेश ने कहा कि कुछ ताकतें ऐसी हैं जो चाहती हैं कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की दोबारा सरकार न बन सके। इसके इतर प्रदेश में एक बार फिर से समाजवादी पार्टी की ही सरकार बनने पर सबसे ज्यादा खुश तो नेताजी ही होंगे। अखिलेश ने कहा कि मैं नेताजी के खिलाफ साजिश करने वालों के खिलाफ हूं। नेताजी एक बार भी कहते तो मैं मुख्यमंत्री क्या हर पद से हट जाता।
मुलायम ने राष्ट्रीय अधिवेशन को दी चेतावनी
रामगोपाल यादव ने अधिवेशन में नेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि पार्टी के लिए यह बेहद आपातकाल की स्थिति है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में खूब काम किया लेकिन उन्हें साजिश कर उनके पद से हटा दिया गया। उन्होंने पार्टी नेताओं को सम्बोधन करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया। रामगोपाल ने ही मांग की कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को पार्टी से हटा दिया जाए और अमर सिंह को सपा से बर्खास्त कर दिया जाए। इसके बाद अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने का प्रस्ताव पूरा हो गया। इस प्रस्ताव पर सभी ने अपने हस्ताक्षर करने के साथ ही मुहर लगा दी।

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